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मुंबई कोस्टल रोड पर देश की पहली म्यूजिकल रोड, 70-80 किमी/घंटा की स्पीड पर बजेगी ‘जय हो’ की धुन

म्यूजिकल रोड
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मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में अब ड्राइविंग का अनुभव और भी खास हो गया है। शहर के प्रतिष्ठित Mumbai Coastal Road पर भारत की पहली म्यूजिकल रोड तैयार की गई है। इस रोड के 500 मीटर लंबे हिस्से पर जब वाहन एक निर्धारित गति सीमा में चलते हैं, तो ऑस्कर विजेता फिल्म Slumdog Millionaire के मशहूर गीत Jai Ho की धुन सुनाई देती है।

खास बात ये है कि ये धुन केवल वाहन के अंदर सुनाई देती है, बाहर किसी प्रकार का शोर या ब्रॉडकास्ट नहीं होता।

कहां स्थित है म्यूजिकल रोड?

ये अनोखा म्यूजिकल इंस्टॉलेशन कोस्टल रोड के नॉर्थबाउंड लेन में बनाया गया है, जो नरीमन पॉइंट से ब्रीच कैंडी की ओर जाती है।

  • ये हिस्सा ब्रीच कैंडी के अंडरग्राउंड टनल से बाहर निकलते ही शुरू होता है।

  • सड़क के डिवाइडर के पास लगभग 500 मीटर तक फैला हुआ है।

  • इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 7.5 करोड़ रुपये बताई गई है।

ये तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित मॉडल पर आधारित है और भारत में पहली बार हंगरी की विशेष तकनीक का उपयोग कर इसे लागू किया गया है।

कैसे काम करता है म्यूजिकल इफेक्ट?

म्यूजिकल रोड का सिद्धांत बेहद वैज्ञानिक और सटीक इंजीनियरिंग पर आधारित है।

  • सड़क की सतह पर विशेष प्रकार के खांचे (रंबल स्ट्रिप्स) बनाए जाते हैं।

  • इन खांचों को तय दूरी और सटीक माप के साथ काटा जाता है।

  • जब वाहन निर्धारित स्पीड से गुजरते हैं, तो टायर और सड़क के बीच कंपन (वाइब्रेशन) उत्पन्न होता है।

  • यही कंपन वाहन के अंदर ध्वनि तरंगों में बदलकर संगीत का रूप ले लेता है।

यदि गाड़ी सही स्पीड में चल रही है, तो ‘जय हो’ की धुन स्पष्ट सुनाई देती है। स्पीड कम या ज्यादा होने पर धुन बिगड़ जाती है।

क्या है स्पीड गाइडलाइन?

म्यूजिकल इफेक्ट को साफ सुनने के लिए वाहन चालकों को 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार बनाए रखनी होगी। इसी उद्देश्य से सड़क के पहले 60 मीटर, 100 मीटर और 500 मीटर की दूरी पर एडवांस साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जो ड्राइवरों को एक समान गति बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन देते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को सुरक्षित और नियंत्रित गति में वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना है।

विदेशों में भी हैं म्यूजिकल सड़कें

म्यूजिकल रोड की अवधारणा नई नहीं है, लेकिन भारत में ये पहली बार लागू हुई है। दुनिया के कई देशों में इस तरह की सड़कें मौजूद हैं, जैसे जापान, हंगरी (इस क्षेत्र में अग्रणी), साउथ कोरिया, यूएई, यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, ईरान, रूस और तुर्किये। अब मुंबई भी इस वैश्विक सूची में शामिल हो गया है।

आगे की क्या है योजना?

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस कॉन्सेप्ट को भविष्य में अन्य स्थानों पर भी लागू करने की योजना बनाई जा सकती है। यदि ये प्रयोग सफल रहता है, तो देश के अन्य हाईवे और शहरी सड़कों पर भी म्यूजिकल रोड देखने को मिल सकती हैं।

मुंबई की ये पहल न केवल तकनीकी नवाचार का उदाहरण है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब कोस्टल रोड पर सफर करते समय सही स्पीड बनाए रखें और ‘जय हो’ की मधुर धुन का आनंद लें।

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