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Vikasit Maharashtra @2047: ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और निवेश का ‘पावरहाउस’

Vikasit Maharashtra @2047
Vikasit Maharashtra @2047

Vikasit Maharashtra @2047: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र का सोमवार को जोरदार आगाज हुआ। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य का एक महत्वाकांक्षी खाका पेश किया।

राज्यपाल का अभिभाषण मुख्य रूप से राज्य को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वैश्विक निवेश के केंद्र के रूप में महाराष्ट्र की स्थिति को और मजबूत करने पर केंद्रित रहा।

2047 का विजन और ‘मैनेजमेंट यूनिट’
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत’ की तर्ज पर ‘विकसित महाराष्ट्र-2047’ के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक व्यापक और नीतिगत कार्य योजना तैयार की गई है।

विजन मैनेजमेंट यूनिट: राज्य की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए एक विशेष ‘विजन मैनेजमेंट यूनिट’ स्थापित की गई है। यह इकाई भविष्य की योजनाओं और वर्तमान लक्ष्यों के बीच सेतु का काम करेगी।

एफडीआई (FDI) में महाराष्ट्र की बादशाहत
आंकड़ों की बाजीगरी में महाराष्ट्र एक बार फिर देश का सिरमौर बनकर उभरा है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य की वित्तीय ताकत का ब्यौरा देते हुए बताया:

  • वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही: केवल छह महीनों के भीतर राज्य में 91,337 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है।
  • देश का नेतृत्व: साल 2024-25 के दौरान महाराष्ट्र को देश में सबसे अधिक 1,64,875 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ।
  • 39% की हिस्सेदारी: यह आंकड़ा चौंकाने वाला और सुखद है कि भारत में आने वाले कुल एफडीआई का 39 प्रतिशत अकेले महाराष्ट्र के खाते में आया है।

वैश्विक पटल पर धाक (दावोस समिट)
राज्यपाल ने जनवरी में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक परिषद (WEF) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वैश्विक निवेशकों के बीच महाराष्ट्र की क्षमता को प्रभावी ढंग से रखा है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के रूप में दिखाई देंगे।

राज्यपाल का यह अभिभाषण स्पष्ट करता है कि महाराष्ट्र केवल देश का एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा का इंजन है। 5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन निवेश के मौजूदा आंकड़े और विजनरी प्लानिंग इसे मुमकिन बनाते दिख रहे हैं।

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