मुंबई के मालाड इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर फलों पर चूहे मारने की दवा लगाए जाने का खुलासा हुआ है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो फल विक्रेताओं को गिरफ्तार कर लिया है और संबंधित दुकान को सील कर दिया गया है।
कैसे सामने आया मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मालाड क्षेत्र में स्थित एक फल दुकान पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान ये पाया गया कि फलों पर चूहे मारने की दवा का इस्तेमाल किया गया था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि ये दवा फलों को चूहों से बचाने के लिए लगाई गई थी, लेकिन इससे आम लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दुकान से फल के नमूने जब्त किए गए। जांच के बाद दो फल विक्रेताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, चूहे मारने की दवा में जहरीले रसायन होते हैं, जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। यदि ऐसे रसायन युक्त फल का सेवन किया जाए तो फूड पॉइजनिंग, उल्टी, चक्कर आना, आंतरिक रक्तस्राव और गंभीर मामलों में जान का खतरा भी हो सकता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक जोखिम भरा होता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत किसी भी खाद्य पदार्थ पर जहरीले या हानिकारक रसायनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। जब्त किए गए फलों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
स्थानीय प्रशासन ने अन्य फल विक्रेताओं को भी सख्त चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमित जांच अभियान चलाने की भी बात कही गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
लोगों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि फल और सब्जियां खरीदते समय सतर्क रहें। यदि किसी भी दुकान पर संदिग्ध गतिविधि या खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह हो तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। घर लाने के बाद फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें।
मालाड में सामने आया ये मामला खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। थोड़ी सी लापरवाही या लालच आम लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़े खतरे को टाल दिया गया है, लेकिन इस घटना ने ये साफ कर दिया है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सतर्क निगरानी बेहद जरूरी है।
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