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भारत बनेगा नेपाल के बच्चों का सहारा, 14 स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा

नेपाल

भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश नेपाल के प्रति अपनी सहयोगी नीति को मजबूत करते हुए भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार की ओर से नेपाल के 8 जिलों में स्थित 14 स्कूलों के निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए 56.02 करोड़ नेपाली रुपये यानी लगभग 35.02 करोड़ भारतीय रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करना है, जो पिछले वर्षों में आए विनाशकारी भूकंपों से गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। भारत की ये मदद नेपाल में बुनियादी ढांचे के विकास और दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का भी प्रतीक मानी जा रही है।

भारत और नेपाल के बीच समझौते पर हस्ताक्षर

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नेपाल के शिक्षा, विज्ञान और खेल मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय स्तरीय परियोजना कार्यान्वयन इकाई ने स्कूल निर्माण परियोजनाओं को लेकर आवश्यक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

इन परियोजनाओं के तहत नेपाल के उन जिलों में स्कूलों का निर्माण किया जाएगा, जहां भूकंप के कारण शिक्षा संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचा था। भारत सरकार की आर्थिक सहायता से अब इन क्षेत्रों में आधुनिक और सुरक्षित स्कूल भवन तैयार किए जाएंगे।

भूकंपरोधी तकनीक से बनाए जाएंगे स्कूल

रिपोर्ट के अनुसार, सभी 14 स्कूल नेपाल सरकार द्वारा निर्धारित भूकंपरोधी भवन निर्माण मानकों के अनुरूप बनाए जाएंगे। इन स्कूलों में मजबूत संरचनात्मक ढांचे के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

स्कूल परिसरों में छात्रों के लिए बेहतर कक्षाएं, समर्पित शैक्षणिक ब्लॉक और लड़के एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग स्वच्छता सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए भवनों को भविष्य में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा।

शिक्षा और विकास में भारत की बड़ी भूमिका

भारत लंबे समय से नेपाल में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत से जुड़े कई विकास कार्यों में सहयोग करता रहा है। भूकंप के बाद भी भारत ने नेपाल को राहत और पुनर्वास कार्यों में व्यापक मदद दी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों का पुनर्निर्माण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ये हजारों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भारत-नेपाल संबंध होंगे और मजबूत

भारत की इस आर्थिक सहायता को दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के रूप में भी देखा जा रहा है। नेपाल में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की भागीदारी क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय सहायता का अहम उदाहरण मानी जा रही है।

आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से नेपाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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