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गुजरात: प्रिंसिपल ने पकड़ी शिक्षक की करतूत, 7वीं के छात्र से मंगवाई थी शराब

गुजरात
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गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से शिक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के दौरान सातवीं कक्षा के छात्र को 500 रुपये देकर शराब खरीदने के लिए भेजा। घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रिंसिपल की सतर्कता से सामने आई पूरी घटना

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय सामने आई जब स्कूल के प्रिंसिपल ने एक छात्र को स्कूल परिसर में संदिग्ध स्थिति में देखा। पूछताछ करने पर छात्र के पास शराब की बोतल मिली। जब उससे इसके बारे में सवाल किया गया तो छात्र ने बताया कि स्कूल के एक शिक्षक ने उसे 500 रुपये देकर शराब खरीदने के लिए भेजा था।

छात्र के बयान के बाद प्रिंसिपल ने तुरंत शराब की बोतल अपने कब्जे में ली और पूरे मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी।

आरोपी शिक्षक को किया गया निलंबित

शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित शिक्षक पर पहले भी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने के आरोप लग चुके थे। उस समय विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए वेतनवृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई की थी। अब नए मामले के सामने आने के बाद उनके खिलाफ जांच और सख्त कर दी गई है।

पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

स्थानीय पुलिस ने भी शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छात्र से पहले भी इस तरह का काम कराया गया था या यह पहली घटना थी। छात्र और स्कूल के अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुशासित वातावरण होना चाहिए। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है ताकि शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।

फिलहाल आरोपी शिक्षक निलंबित हैं और पुलिस व शिक्षा विभाग दोनों अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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