जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान जाएंगी। उन्हें इस समारोह में शामिल होने के लिए ईरान सरकार की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है। महबूबा मुफ्ती ने इस निमंत्रण को अपने जीवन का एक विशेष सम्मान बताते हुए कहा कि ये उनके लिए “जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर” है।
चार महीने बाद होगा राजकीय अंतिम संस्कार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के लगभग चार महीने बाद ईरान में उनका राजकीय अंतिम संस्कार आयोजित किया जा रहा है। क्षेत्र में लंबे समय तक बने सैन्य तनाव और सुरक्षा कारणों की वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई थी।
अब तेहरान में 3 से 6 जुलाई तक राजकीय शोक और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ईरान से मिला ये निमंत्रण उनके लिए बेहद सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा कि वो तेहरान जाकर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। महबूबा ने इससे पहले भी खामेनेई की मृत्यु पर सार्वजनिक रूप से शोक व्यक्त किया था।
ईरान ने भेजा विशेष निमंत्रण
महबूबा मुफ्ती को यह निमंत्रण इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के निदेशक मोहसिन कुम्मी की ओर से भेजा गया।
निमंत्रण पत्र में कहा गया कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक एवं रणनीतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए महबूबा मुफ्ती को भारत की विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
पत्र में ये भी उल्लेख किया गया कि उनकी उपस्थिति भारत और ईरान की प्राचीन सभ्यताओं के बीच मित्रता और आपसी सम्मान का प्रतीक होगी।
अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार –
- 3 जुलाई: तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में अंतिम दर्शन।
- 4 जुलाई: श्रद्धांजलि सभा का आयोजन।
- 6 जुलाई: तेहरान में राजकीय अंतिम यात्रा (Funeral Procession)।
- इसके बाद पार्थिव शरीर को पवित्र शहर कोम ले जाया जाएगा।
- 9 जुलाई: खामेनेई के गृह नगर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा।
भारत सरकार की ओर से कौन होगा शामिल?
भारत सरकार की ओर से इस राजकीय अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
सूत्रों के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उनके पूर्व निर्धारित विदेश दौरे के कारण उनके तेहरान जाने की संभावना नहीं है।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी दिनों में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे, जिसके चलते वह इस समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।
कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है समारोह
विशेषज्ञों का मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक या राष्ट्रीय आयोजन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ईरान के वैश्विक संबंधों और क्षेत्रीय राजनीति की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।
भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी और महबूबा मुफ्ती की उपस्थिति इस आयोजन को भारतीय राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बना रही है।




















