देश के किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने देश की प्रमुख सहकारी संस्थाओं नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) को निर्देश दिया है कि वे किसानों द्वारा उत्पादित दलहन और तिलहन का एक-एक दाना सीधे खरीदें और खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान किसानों के बैंक खातों में पहुंचाएं।
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नाफेड की चार नई डिजिटल और कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र में बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाना है। इसके लिए नाफेड और एनसीसीएफ को सीधे किसानों से खरीद करने का निर्देश दिया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी बिचौलिए पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें भुगतान भी सीधे बैंक खाते में प्राप्त होगा।
उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा और भुगतान अधिकतम 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में जमा किया जाएगा।
दो वर्षों में लागू होगी नई व्यवस्था
सहकारिता मंत्रालय ने इस योजना के लिए दो साल की समय-सीमा निर्धारित की है। लक्ष्य ये है कि अगले दो वर्षों में देश का हर दलहन और तिलहन उत्पादक किसान सीधे नाफेड और एनसीसीएफ को अपनी उपज बेच सके।
सरकार का मानना है कि जब किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप उचित दाम मिलने का भरोसा होगा, तब दलहन और तिलहन की खेती का रकबा बढ़ेगा। इससे भारत दालों और खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
नाफेड की चार नई पहल
कार्यक्रम के दौरान नाफेड को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित संस्था बनाने के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाएं और पोर्टल लॉन्च किए गए।
1. NAFEX.in पोर्टल
ये एक डिजिटल नीलामी मंच है, जहां नाफेड द्वारा खरीदी गई दलहन और तिलहन की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी। इससे खरीद और बिक्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा तेज होगी।
2. DRISHTI पोर्टल
ये एक आधुनिक डिजिटल इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम है। इसके माध्यम से देशभर में उपलब्ध दलहन और तिलहन के स्टॉक, भंडारण और लोकेशन की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी।
3. ERP पोर्टल
एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) पोर्टल नाफेड के आंतरिक प्रशासन और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएगा। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी।
4. NAFED-KALYAN फंड
किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत बनाने के लिए नाफेड-कल्याण फंड की शुरुआत की गई है। इसके तहत नाफेड अपने वार्षिक शुद्ध लाभ का 1 प्रतिशत हिस्सा छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान करेगा, जिससे किसान परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर निर्माण में सहायता मिलेगी।
नाफेड की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार
अमित शाह ने अपने संबोधन में नाफेड की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि साल 2014 में नाफेड आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा था और बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था। लेकिन पिछले वर्षों में किए गए सुधारों और सरकारी प्रयासों के कारण आज नाफेड एक मजबूत संस्था बन चुकी है।
वर्तमान में नाफेड का वार्षिक कारोबार 30,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है, जबकि इसका शुद्ध लाभ 405 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। संस्था के साथ देशभर के 74 लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं।
50,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य
सरकार ने नाफेड के लिए आने वाले वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए डिजिटल तकनीक, पारदर्शी खरीद व्यवस्था और किसानों की सीधी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दलहन और तिलहन की खरीद सीधे किसानों से की जाती है और भुगतान समय पर मिलता है, तो इससे किसानों की आय में सुधार होगा। साथ ही देश में दालों और खाद्य तेलों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की ये पहल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों को भी नई दिशा देगी।
केंद्र सरकार द्वारा नाफेड और एनसीसीएफ को दिए गए नए निर्देश किसानों के लिए राहत और भरोसे का संदेश लेकर आए हैं। दलहन और तिलहन की सीधी खरीद, 48 घंटे के भीतर भुगतान और नाफेड की नई डिजिटल योजनाएं कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही हैं। यदि ये व्यवस्था तय समय के भीतर सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इससे किसानों की आय बढ़ाने और भारत को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
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