उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। ट्रैफिक पुलिस की नियमित जांच के दौरान एक ऑटो रिक्शा को रोका गया, जिसमें क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बैठी हुई थीं। जब यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा गया, तो पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं। एक-एक करके कुल 19 लोग ऑटो से बाहर निकले। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ट्रैफिक चेकिंग के दौरान सामने आया चौंकाने वाला नजारा
जानकारी के अनुसार, कन्नौज में पाल चौराहे के पास ट्रैफिक पुलिस नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक ऑटो रिक्शा को देखकर पुलिस को शक हुआ कि उसमें निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोग बैठे हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी आफाक खान ने वाहन को रुकवाया और जांच शुरू की।
शुरुआत में पुलिस को लगा कि ऑटो में 10 से 12 लोग होंगे, लेकिन जैसे-जैसे यात्री उतरते गए, संख्या बढ़ती चली गई। आखिरकार जब 19वीं सवारी बाहर निकली, तो मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
बच्चों, महिलाओं और पुरुषों से भरा था ऑटो
बताया जा रहा है कि ऑटो में बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी सवार थे। कुछ यात्री सीटों पर बैठे थे, जबकि कई लोग एक-दूसरे से सटकर बैठे हुए थे। कई बच्चों को गोद में लेकर सफर कराया जा रहा था। सड़क पर मौजूद राहगीरों ने भी इस नजारे को देखकर अपने मोबाइल निकाल लिए और वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे “अलीबाबा की गुफा” से तुलना करने लगे।
चालक ने दी अपनी सफाई
जब पुलिस ने चालक से इतनी अधिक सवारियां बैठाने का कारण पूछा, तो उसने दावा किया कि ऑटो में केवल 15 सवारियां थीं और बाकी बच्चे थे। चालक का कहना था कि लोगों को दूसरा वाहन नहीं मिल रहा था, इसलिए मजबूरी में उन्हें बैठाना पड़ा।
हालांकि पुलिस ने चालक की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियम सभी के लिए समान हैं और ओवरलोडिंग किसी भी स्थिति में दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पुलिस ने ऑटो किया सीज
घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने ओवरलोडिंग के आरोप में ऑटो का चालान करते हुए उसे सीज कर दिया। साथ ही सभी यात्रियों को दूसरे वाहनों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया। ट्रैफिक विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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ओवरलोडिंग बन सकती है जानलेवा
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटो या किसी भी सार्वजनिक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। हाल ही में कन्नौज में ओवरलोड वाहन से जुड़े हादसे भी सामने आ चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई थी।
कन्नौज का ये वीडियो भले ही लोगों के लिए हैरानी और चर्चा का विषय बन गया हो, लेकिन ये सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर भी पेश करता है। कुछ मिनटों की सुविधा के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना कभी भी समझदारी नहीं माना जा सकता।















