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संतकबीरनगर: पति ने पत्नी की प्रेमी से मंदिर में कराई शादी, पांच बच्चों के भविष्य पर उठे सवाल

संतकबीरनगर

संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यहां करीब 21 साल पुरानी शादी का अंत इस तरह हुआ कि पति ने खुद अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से मंदिर में करा दी। विवाह के बाद पति ने दोनों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें साथ विदा कर दिया।

ये मामला धनघटा थाना क्षेत्र के डेवरी गांव का बताया जा रहा है। घटना के सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इस परिवार के 5 बच्चों की जिम्मेदारी और उनके भविष्य पर अब क्या असर पड़ेगा।

21 साल पहले हुई थी प्रेम विवाह

मिली जानकारी के मुताबिक, डेवरी गांव निवासी बुद्धिराम निषाद और फूलमती की शादी करीब 21 साल पहले हुई थी। बताया गया है कि दोनों ने उस समय प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद उनका परिवार आगे बढ़ा और दोनों के पांच बच्चे हुए।

काफी समय तक परिवार साथ रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। रिपोर्ट के अनुसार, इसी दौरान फूलमती का गांव के ही अवधेश नाम के युवक से प्रेम संबंध हो गया। इस रिश्ते को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया और मामला धीरे-धीरे गंभीर होता चला गया।

करीब दो महीने पहले घर छोड़कर चली गई थी पत्नी

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद करीब दो महीने पहले फूलमती घर छोड़कर अवधेश के साथ चली गई थी। इसके बाद परिवार और गांव में इस मामले को लेकर काफी चर्चा हुई।

परिजनों और ग्रामीणों ने समझाने की कोशिश की, जिसके बाद फूलमती वापस अपने घर लौट आई। हालांकि, घर लौटने के बाद भी पति-पत्नी के बीच पहले जैसी स्थिति नहीं बन सकी और विवाद तथा तनाव जारी रहा।

पति ने पत्नी की इच्छा को स्वीकार किया

लगातार चल रहे विवाद के बीच बुद्धिराम ने एक अलग फैसला लेने का निर्णय किया। उनका कहना था कि अगर पत्नी अब उनके साथ नहीं रहना चाहती और किसी दूसरे व्यक्ति के साथ जीवन बिताना चाहती है, तो जबरदस्ती रिश्ता बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है।

इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में फूलमती और अवधेश की शादी कराने का फैसला लिया गया।

शिव मंदिर में हुई शादी

फूलमती और अवधेश का विवाह अशरफपुर स्थित शिव मंदिर में कराया गया। शादी के दौरान परिवार के लोगों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही। मंदिर में विवाह की रस्में पूरी होने के बाद बुद्धिराम ने दोनों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें साथ विदा कर दिया।

पति बुद्धिराम ने बताया कि करीब 21 साल पहले उन्होंने भी फूलमती से प्रेम विवाह किया था। अब जब पत्नी का मन उनके साथ नहीं था और वो किसी दूसरे व्यक्ति के साथ जीवन बिताना चाहती थी, तो उन्होंने उसकी इच्छा का सम्मान करने का फैसला किया।

उनका कहना है कि वो अब किसी तरह का विवाद नहीं चाहते और शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन आगे बढ़ाना चाहते हैं।

5 बच्चों के भविष्य को लेकर सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल परिवार के पांच बच्चों को लेकर खड़ा हो गया है। माता-पिता के रिश्ते में आए इस बड़े बदलाव का बच्चों पर क्या असर पड़ेगा और आगे उनकी देखभाल तथा जिम्मेदारी किस तरह निभाई जाएगी, इसे लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा हो रही है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बच्चों की वर्तमान स्थिति, उनकी उम्र या आगे उनकी देखभाल की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं

21 साल पहले प्रेम विवाह से शुरू हुई ये कहानी अब एक अलग मोड़ पर पहुंच गई है। पति द्वारा खुद पत्नी की उसके प्रेमी से शादी कराने का फैसला इलाके के लोगों के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है।

कुछ लोग इसे पति की परिस्थितियों को स्वीकार करने वाली सोच के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कई लोगों के मन में पांच बच्चों के भविष्य को लेकर सवाल हैं। फिलहाल डेवरी गांव और आसपास के क्षेत्र में ये मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

NOTE: उपलब्ध रिपोर्ट में बच्चों की देखभाल और भविष्य की व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

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