बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे फूल सिंह ने विशेष मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) कोर्ट में खुद को नाबालिग बताते हुए अर्जी दाखिल की है। आरोपी ने कोर्ट में दावा किया कि उसकी उम्र 18 साल से कम है। इस पर कोर्ट ने उसकी उम्र की जांच कराने और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान फूल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उसे पहले अपने वकील से बातचीत करने का मौका नहीं दिया गया, जिसके कारण वह अदालत के सामने अपनी उम्र से जुड़ी बात पहले नहीं रख सका।
पांच आरोपी पुलिस कस्टडी में, सात न्यायिक हिरासत में
मामले में सभी आरोपियों को विशेष मकोका कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी नंबर 1, 2, 6, 7 और 8 को 11 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। वहीं, अन्य सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है। फूल सिंह की उम्र की जांच के लिए अलग से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ऑटो चालकों और दुकानदारों के बैंक खातों से पहुंचाए गए पैसे
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में फायरिंग के पीछे कथित तौर पर सक्रिय गैंग के आर्थिक नेटवर्क को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शूटरों तक पैसे पहुंचाने के लिए स्थानीय ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे दुकानदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि कमीशन का लालच देकर इन लोगों से उनके यूपीआई क्यूआर कोड लिए जाते थे। इसके बाद हरियाणा से इन खातों में रकम ट्रांसफर की जाती थी। मुंबई में मौजूद शूटर संबंधित खाताधारकों को कमीशन देने के बाद बाकी रकम नकद में हासिल कर लेते थे। पुलिस इस तरीके को कथित मनी ट्रांसफर नेटवर्क के तौर पर जांच रही है।
विदेश में बैठे अनिल पंडित पर शूटरों को निर्देश देने का आरोप
क्राइम ब्रांच की जांच में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है, जिसे जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित विदेश में बैठकर मुंबई में मौजूद शूटरों फूल सिंह, रेहान और ऋतिक के संपर्क में था और उन्हें निर्देश दे रहा था।
जांच में आरोप है कि अनिल पंडित शूटरों को स्थानीय लोगों से संपर्क कर उनके यूपीआई क्यूआर कोड हासिल करने के लिए कहता था। इसके बाद इन क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करने की व्यवस्था की जाती थी।
अनिल पंडित के भाई और पत्नी की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, शूटरों द्वारा हासिल किए गए यूपीआई क्यूआर कोड की तस्वीरें अनिल पंडित को भेजी जाती थीं। इसके बाद वह इन्हें अपने छोटे भाई अभिषेक पंडित तक पहुंचाता था। आरोप है कि अभिषेक के निर्देश पर उसकी पत्नी सुनेहा पंडित हरियाणा के करनाल से इन क्यूआर कोड को स्कैन कर रकम ट्रांसफर करती थी।
क्राइम ब्रांच अब इस कथित वित्तीय नेटवर्क, पैसों के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
18 अक्टूबर को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
ये घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, फुटबॉल ग्राउंड से निकलते समय अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर दो शूटरों ने गोलीबारी की थी। इस हमले में अभिनेता सुरक्षित बच गए थे, हालांकि उनकी कार का ड्राइवर और मौके पर मौजूद एक व्लॉगर घायल हो गए थे।
फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने सोशल मीडिया के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। अब इस मामले में पुलिस की जांच केवल गोलीबारी करने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित फंडिंग नेटवर्क, विदेश में बैठे संचालकों और स्थानीय स्तर पर मदद करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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