मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 ने सिंधुदुर्ग जिले के पांच साल पुराने चर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया कि ये कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर की गई सुनियोजित हत्या थी।
दोस्त को होटल में बुलाकर की गई हत्या
क्राइम ब्रांच के डीसीपी नवनाथ ढवले के अनुसार, मृतक अशपाक मुलाणी उर्फ निहाल और आरोपियों के बीच करीब डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने अपने ही दोस्त अशपाक को एक होटल में बुलाया और लकड़ी के डंडों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
शव और बाइक खाई में फेंककर रचा दुर्घटना का नाटक
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को इनोवा कार में रखा और उसकी मोटरसाइकिल के साथ सिंधुदुर्ग के फोंडा घाट पहुंचे। वहां शव और बाइक को गहरी खाई में फेंक दिया गया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना का लगे। घटना के 22 दिन बाद शव बरामद हुआ था और शुरुआती जांच में इसे रैश ड्राइविंग से हुई दुर्घटना मान लिया गया था।
गोपनीय सूचना से खुला हत्या का राज
कणकवली पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले की दोबारा जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच को गोपनीय सूचना मिली कि ये हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। इसके बाद की गई पूछताछ में आरोपियों ने पूरी साजिश कबूल कर ली।
चार आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
इस मामले में मनोज नारायण भंडगे, सुखद सोनावडेकर, अतिश भगवान मोरे, ऋतुराज शेट्टी, अमित राउत और मनोज भंडारी के नाम सामने आए हैं। इनमें से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर कणकवली पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
लोन दिलाने के नाम पर हुए विवाद ने ली जान
मृतक अशपाक मुलाणी सोलापुर जिले के मालशिरस का निवासी था और बारामती में किराए के मकान में रहकर लोगों को लोन उपलब्ध कराने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, लोन दिलाने के नाम पर लिए गए पैसों के विवाद ने आखिरकार उसकी जान ले ली।
डीसीपी नवनाथ ढवले ने कहा कि सिर्फ डेढ़ लाख रुपये के विवाद में आरोपियों ने अपने ही दोस्त की हत्या कर उसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पांच साल बाद सच्चाई सामने आ गई।
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