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Indian Railways: ट्रेनों में अब मिलेंगी साफ-सुथरी चादरें, रेलवे ने शुरू किया AI तकनीक का ट्रायल

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Indian Railways: भारतीय रेलवे ने एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यात्रियों को मिलने वाली चादर, तकिए के कवर, तौलिया और अन्य बेडरोल की गुणवत्ता जांचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरा सिस्टम का परीक्षण शुरू किया गया है।

इस नई तकनीक का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि यात्रियों तक केवल पूरी तरह साफ और दाग-धब्बे रहित बेडरोल ही पहुंचे। यदि जांच के दौरान किसी चादर या अन्य कपड़े पर गंदगी या दाग पाए जाते हैं, तो उसे दोबारा धोने के बाद ही उपयोग के लिए भेजा जाएगा।

क्यों जरूरी था ये बदलाव?

एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की ओर से बेडरोल किट उपलब्ध कराई जाती है। इसमें आमतौर पर – चादर, तकिया और उसका कवर, कंबल व छोटा तौलिया शामिल होते हैं।

कई बार यात्रियों ने बेडरोल पर दाग-धब्बे या सफाई को लेकर शिकायतें की हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है।

कैसे काम करेगी AI तकनीक?

नई व्यवस्था के तहत रेलवे लॉन्ड्री में धुलाई पूरी होने के बाद प्रत्येक बेडरोल को AI कैमरा सिस्टम से स्कैन किया जाएगा।

ये तकनीक –

  • चादरों और तकिए के कवर की सफाई की जांच करेगी।
  • दाग, गंदगी या अन्य खामियों की पहचान करेगी।
  • गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने वाले कपड़ों को अलग करेगी।
  • दोबारा धुलाई के बाद ही उन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए भेजा जाएगा।

इससे गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक बनने की उम्मीद है।

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

नई तकनीक लागू होने के बाद यात्रियों को कई लाभ मिल सकते हैं।

  • साफ और स्वच्छ बेडरोल मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • दागदार या अधूरी तरह धुले कपड़ों की संख्या कम होगी।
  • रेलवे लॉन्ड्री में गुणवत्ता जांच अधिक प्रभावी होगी।
  • यात्रियों का यात्रा अनुभव पहले से बेहतर और अधिक आरामदायक बनेगा।

किन स्थानों पर हो रहा है ट्रायल?

फिलहाल इस AI आधारित सिस्टम का परीक्षण कुछ आधुनिक रेलवे लॉन्ड्री में किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से जयपुर (उत्तर रेलवे), जोधपुर डिवीजन और पुणे डिवीजन (मध्य रेलवे) शामिल हैं।

रेलवे ट्रायल के परिणामों का मूल्यांकन करेगा। यदि ये तकनीक सफल रहती है, तो भविष्य में इसे देश के अन्य रेलवे लॉन्ड्री केंद्रों में भी लागू किया जा सकता है।

रेलवे लगातार बढ़ा रहा है तकनीक का उपयोग

हाल के वर्षों में भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल और आधुनिक तकनीकों का तेजी से उपयोग कर रहा है। टिकटिंग, सुरक्षा, स्टेशन प्रबंधन और रखरखाव के बाद अब AI का उपयोग स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण में भी किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीकों से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा।

भारतीय रेलवे का AI आधारित बेडरोल निरीक्षण सिस्टम यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में देशभर के एसी कोच यात्रियों को साफ-सुथरी और गुणवत्ता जांची हुई बेडरोल किट उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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