ठाणे: डॉक्टरों से कथित मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) ने कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत रद्द किए जाने के बाद म्हात्रे को सरेंडर करना पड़ा।
मामला डोंबिवली के शास्त्री नगर नगर निगम अस्पताल का है। आरोप है कि 6 जुलाई 2026 को अस्पताल के लेबर वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई थी। इस मामले में रमेश म्हात्रे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।
मामले में पहले आरोपियों को जमानत मिल गई थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) और तीन अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी और उन्हें तय समय के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
अदालत ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इलाज या डॉक्टर के फैसले को लेकर किसी भी तरह की असहमति हिंसा, धमकी या दबाव का आधार नहीं बन सकती।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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