वाहन मालिकों के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ा बदलाव लागू कर सकती है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो BS-VI (भारत स्टेज-6) निजी वाहनों के मालिकों को हर साल Pollution Under Control (PUC) Certificate बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने ऐसे वाहनों के लिए PUC प्रमाणपत्र की वैधता अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है और आम नागरिकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद नए नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
BS-VI वाहनों के लिए क्या है नया प्रस्ताव?
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, निजी BS-VI वाहनों के लिए पहले रजिस्ट्रेशन की तारीख से छह वर्षों तक PUC प्रमाणपत्र की वैधता मौजूदा एक वर्ष के बजाय तीन वर्ष करने की तैयारी है।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य वाहन मालिकों पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम करना और नई तकनीक वाले कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को राहत देना है।
अलग-अलग वाहनों के लिए PUC नवीनीकरण का नया प्रस्ताव
ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में वाहनों की उम्र और उत्सर्जन मानकों के आधार पर PUC नवीनीकरण की अलग-अलग समय-सीमा प्रस्तावित की गई है।
1. छह वर्ष तक पुराने BS-VI निजी वाहन
- PUC प्रमाणपत्र की वैधता तीन वर्ष होगी।
2. छह से दस वर्ष पुराने BS-VI वाहन
- हर दो वर्ष में PUC प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराना होगा।
3. दस वर्ष से अधिक पुराने BS-VI वाहन
- हर छह महीने में PUC टेस्ट अनिवार्य रहेगा।
4. BS-IV वाहन
- सभी BS-IV वाहनों के लिए PUC प्रमाणपत्र का नवीनीकरण हर छह महीने में करना होगा।
5. BS-I, BS-II और BS-III वाहन
- इन पुराने वाहनों के लिए PUC प्रमाणपत्र हर तीन महीने में रिन्यू कराना प्रस्तावित है।
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
सरकार का मानना है कि BS-VI तकनीक वाले वाहन पहले की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं। ऐसे में हर वर्ष PUC टेस्ट करवाने की अनिवार्यता वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ डालती है।
नई व्यवस्था लागू होने पर:
- वाहन मालिकों का समय बचेगा।
- बार-बार PUC बनवाने की आवश्यकता कम होगी।
- अनुपालन प्रक्रिया आसान होगी।
- प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।
आम लोगों से मांगे गए सुझाव
केंद्र सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को सार्वजनिक करते हुए नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां भेजने को कहा है। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
क्या होता है PUC सर्टिफिकेट?
Pollution Under Control (PUC) Certificate एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी वाहन से निकलने वाला धुआं सरकार द्वारा निर्धारित प्रदूषण मानकों के भीतर है।
यदि वाहन निर्धारित सीमा से अधिक प्रदूषण फैलाता है, तो उसे नियमों के अनुसार ठीक कराना आवश्यक होता है।
BS-IV और BS-VI में क्या अंतर है?
भारत में वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (BS) उत्सर्जन मानक लागू किए जाते हैं।
- BS-IV मानक वर्ष 2017 से 2020 तक लागू रहे।
- BS-VI मानक 1 अप्रैल 2020 से पूरे देश में लागू हैं।
भारत ने प्रदूषण नियंत्रण को तेज करने के लिए BS-V मानक को छोड़ते हुए सीधे BS-VI लागू किया था। BS-VI इंजन आधुनिक तकनीक पर आधारित होते हैं और इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन तथा पार्टिकुलेट मैटर जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन पहले की तुलना में काफी कम होता है।
वाहन मालिकों के लिए क्या होगा फायदा?
यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता है, तो BS-VI निजी वाहन मालिकों को हर साल PUC प्रमाणपत्र बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और प्रक्रिया दोनों में राहत मिलेगी, जबकि पुराने वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियम पहले की तरह सख्त बने रहेंगे। सरकार का उद्देश्य आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ वाहन मालिकों के लिए नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
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