खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 2 गोल्ड समेत 10 मेडल जीतकर भारत ने दिखाई दमदार ताकत

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026
Image Source - Web

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली बना हुआ है। 28 जुलाई तक भारत ने कुल 10 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिनमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय दल ने पदक तालिका में अपनी स्थिति भी मजबूत की है और कई प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है।

एथलेटिक्स में भारत की मजबूत शुरुआत

कॉमनवेल्थ गेम्स के एथलेटिक्स मुकाबलों में भारत को बड़ी सफलता मिली। महिला वर्ग में शर्मिला ढांकर ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाई बल्कि पूरे दल का मनोबल भी ऊंचा किया।

इसके अलावा सरवेश कुशारे, ज्ञानेश्वरी यादव और वल्लुरी अजय बाबू ने अपने-अपने मुकाबलों में रजत पदक जीतकर भारत के खाते में महत्वपूर्ण अंक जोड़े। वहीं शिल्पा के. शायला ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय अभियान को और मजबूत बनाया।

वेटलिफ्टिंग में भी मिला शानदार प्रदर्शन

भारतीय वेटलिफ्टर्स ने भी निरंतर अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक जीतकर भारत के कुल पदकों की संख्या को दोहरे अंक तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी निरंतरता और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

10 पदकों के साथ मजबूत स्थिति

28 जुलाई तक भारत के खाते में कुल 10 पदक दर्ज हो चुके हैं।

  • स्वर्ण पदक: 2
  • रजत पदक: 5
  • कांस्य पदक: 3
  • कुल पदक: 10

इन उपलब्धियों के दम पर भारत ने पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है और आगामी मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद भी बनी हुई है।

आगे भी पदकों की उम्मीद

भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है। मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, तैराकी और अन्य स्पर्धाओं में कई भारतीय खिलाड़ी अभी भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारत के पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।

भारतीय दल का बढ़ता आत्मविश्वास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन ने टीम इंडिया को मजबूत बनाया है। यदि यही लय बरकरार रही तो आने वाले मुकाबलों में भारत और अधिक पदक जीतकर अपने अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

ये भी पढ़ें: 15 साल के Vaibhav Suryavanshi ने रचा इतिहास, फिर भी नहीं तोड़ पाए दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

You may also like

More in खेल