मुंबई में एक कारोबारी को पाकिस्तान से जुड़े एक मोबाइल नंबर से कथित तौर पर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कारोबारी ने बांद्रा के गरीब नगर इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई की तारीफ की थी। इसके बाद उन्हें WhatsApp Call और Voice Note के जरिए धमकी दी गई। मामले की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 45 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
बांद्रा में अवैध निर्माण की कार्रवाई के बाद मिली धमकी
मिली जानकारी के मुताबिक, बिजनेसमैन इम्तियाज खत्री ने बांद्रा के गरीब नगर इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई की सार्वजनिक तौर पर सराहना की थी। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान से जुड़े एक नंबर से कथित तौर पर WhatsApp Call और Voice Message के जरिए धमकियां मिलीं।
शिकायत और जांच के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की Crime Intelligence Unit (CIU) ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान में मौजूद नंबर के साथ संपर्क और बातचीत के सबूत मिलने का दावा किया गया है।
सतारा से गिरफ्तार हुआ 45 वर्षीय आरोपी
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 45 वर्षीय मोहम्मद शरीफ को सतारा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शरीफ मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुंछ का रहने वाला है। वो साल 2008 में मुंबई आया था और यहां अंधेरी, साकीनाका, जोगेश्वरी और बांद्रा जैसे इलाकों में वॉचमैन के तौर पर काम कर चुका है। फिलहाल वो सतारा में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपी को मुंबई की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 13 सितंबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर धमकी के पूरे नेटवर्क और उसके पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
PoK कनेक्शन की भी जांच
इस मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद शरीफ के पिता पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रहते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के पाकिस्तान में मौजूद संपर्कों का कथित धमकी से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
क्राइम ब्रांच ने आरोपी की पत्नी और भतीजे से भी पूछताछ की है। पुलिस फिलहाल पाकिस्तान स्थित नंबर का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान, आरोपी के साथ उसके संपर्क और धमकी में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस खंगाल रही है डिजिटल सबूत
जांच में आरोपी के मोबाइल फोन को अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस उसके फोन में मौजूद कॉल डिटेल, WhatsApp बातचीत और पाकिस्तान से जुड़े नंबर के साथ संपर्क की जानकारी की जांच कर रही है।
हालांकि, जांच अभी जारी है और पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाले व्यक्ति और गिरफ्तार आरोपी के बीच संबंध किस प्रकार के थे और क्या आरोपी की धमकी देने में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी।
फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पाकिस्तान स्थित नंबर से आई धमकी के पीछे वास्तविक साजिश क्या थी और इसमें कितने लोग शामिल हैं।






























