मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित साकीनाका इलाके में दशहरे के दिन एक भीषण अग्निकांड हुआ। खैरानी रोड के अब्दुल राशिद कंपाउंड में स्थित कबाड़ के गोदाम में लगी आग ने देखते ही देखते आसपास की कई व्यावसायिक इकाइयों और रिहायशी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए। आग इतनी भयावह थी कि दमकल कर्मियों को इस पर काबू पाने के लिए छह घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी।
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, आग मंगलवार शाम लगी थी और बुधवार तड़के करीब 12:30 बजे इस पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
शाम को लगी आग, आधी रात तक जारी रहा बचाव अभियान
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6:18 बजे साकीनाका के खैरानी रोड स्थित अब्दुल राशिद कंपाउंड के एक स्क्रैप गोदाम में आग लगने की सूचना मुंबई दमकल विभाग को मिली। आग तेजी से फैलने लगी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियों और आपातकालीन सेवाओं को घटनास्थल पर भेजा गया।
गोदाम में कबाड़, प्लास्टिक सामग्री, कपड़े, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद होने के कारण आग बुझाने का काम चुनौतीपूर्ण हो गया। आग की गंभीरता को देखते हुए इसे लेवल-2 की घटना घोषित किया गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार तड़के आग पर नियंत्रण पाया।
आग बुझने के बाद मिले दो जले हुए शव
आग पर काबू पाने के बाद जब घटनास्थल की जांच की गई, तो वहां से दो लोगों के बुरी तरह जले हुए शव बरामद हुए। दोनों मृतकों की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी। अधिकारियों के मुताबिक, शव उस हिस्से में मिले जहां एयरोसोल कंटेनर रखे गए थे।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया गया है। संबंधित अधिकारी मृतकों की पहचान करने और हादसे के दौरान हुई परिस्थितियों का पता लगाने में जुटे हैं।
चार लोग झुलसे, अस्पताल में इलाज जारी
इस हादसे में चार लोग आग की चपेट में आकर झुलस गए। घायलों को मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायलों में 20 वर्षीय तौफीक कुरैशी और 20 वर्षीय जाहिद कुरैशी के अलावा 47 वर्षीय कमाल शाह और 40 वर्षीय लालचंद गौतम शामिल हैं। घायलों के शरीर के लगभग 10 से 80 प्रतिशत हिस्से तक जलने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई, जबकि एक घायल की स्थिति स्थिर थी।
60 से 70 व्यावसायिक इकाइयां और चॉल आग की चपेट में
दमकल विभाग के मुताबिक, आग लगभग 4,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैल गई थी। इसकी चपेट में करीब 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयां और आसपास की चॉल के कुछ हिस्से आ गए। इससे स्थानीय कारोबारियों और वहां रहने वाले लोगों को नुकसान पहुंचा।
आग से बिजली की वायरिंग, कपड़ों का स्टॉक, प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स, कबाड़, लकड़ी का फर्नीचर और मशीनरी प्रभावित हुई। घटनास्थल पर खाली एयरोसोल कंटेनर और एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद थे। इसके अलावा, सड़क किनारे खड़े दो दोपहिया वाहन और एक टेंपो भी आग से क्षतिग्रस्त हुए।
आग लगने की वजह का पता लगाने में जुटे अधिकारी
फिलहाल इस अग्निकांड के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, आग तेजी से फैलने और गोदाम में मौजूद विभिन्न प्रकार की सामग्रियों के कारण नुकसान का आकलन करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।
पुलिस और संबंधित विभाग घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
दशहरे के दिन मुंबई में आग की तीन घटनाएं
दशहरे के दिन मुंबई में आग लगने की यह तीसरी बड़ी घटना बताई गई। इससे पहले कुर्ला की एक 13 मंजिला आवासीय इमारत के इलेक्ट्रिकल डक्ट में आग लग गई थी, जिसमें तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए थे। वहीं, दक्षिण मुंबई में भुलाभाई देसाई रोड स्थित अमरसंस स्टोर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी।
लगातार सामने आई इन घटनाओं ने शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और व्यावसायिक परिसरों में ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित भंडारण को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
गोदामों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम जरूरी
साकीनाका की घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि कबाड़ गोदामों और घनी आबादी वाले व्यावसायिक परिसरों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम कितने जरूरी हैं। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील सामान का भंडारण, बिजली की वायरिंग की स्थिति और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, इस घटना में आग किस कारण लगी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी विशेष लापरवाही को हादसे की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
मुंबई के साकीनाका इलाके में हुए इस अग्निकांड में दो लोगों की मौत और चार लोगों के घायल होने से इलाके में चिंता का माहौल है। आग से कई व्यावसायिक इकाइयों और आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। अब सभी की नजर जांच पर है, जिससे आग लगने के कारणों और नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ सके।




















