दिवाली और छठ पूजा पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए इस साल हवाई सफर जेब पर भारी पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच कई घरेलू रूट्स पर फ्लाइट टिकटों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हैं कि मुंबई से दरभंगा जाने वाली कुछ उड़ानों का किराया ₹30,000 के पार पहुंच गया है। वहीं, मुंबई से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक जाने का हवाई किराया करीब ₹15,000 बताया जा रहा है। यानी कुछ घरेलू उड़ानों का किराया अंतरराष्ट्रीय सफर से भी ज्यादा हो गया है।
54% यात्रियों को देना पड़ रहा 50% से ज्यादा किराया
लोकल सर्कल्स के एक सर्वे के मुताबिक, इस साल त्योहारों के दौरान हवाई टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। सर्वे में शामिल 54% यात्रियों ने बताया कि वे पिछले साल के मुकाबले 50% से अधिक किराया चुका रहे हैं। वहीं, 9% यात्रियों के मुताबिक, उन्हें पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा कीमत पर टिकट खरीदना पड़ रहा है।
सोमवार को जारी इस सर्वे में देश के 277 जिलों से 19,993 लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों के समय हवाई यात्रा की बढ़ती लागत यात्रियों के लिए एक बड़ी चिंता बन रही है।
दिल्ली-पटना से मुंबई-दरभंगा तक महंगी हुई फ्लाइट
दिवाली और छठ पूजा के आसपास बिहार जाने वाली उड़ानों की मांग बढ़ने से कई रूट्स पर किराये में तेज उछाल देखा जा रहा है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 7 नवंबर के लिए अलग-अलग उड़ानों के टिकट काफी महंगे हो गए हैं।
दिल्ली से पटना: हवाई किराया करीब ₹17,000 से ₹20,000 तक।
बेंगलुरु से पटना: टिकट की कीमत लगभग ₹22,000 से ₹28,000 तक।
अहमदाबाद से पटना: कुछ उड़ानों का किराया ₹22,000 से ₹28,000 तक।
मुंबई से दरभंगा: कुछ उड़ानों का किराया ₹30,000 के पार।
इसके मुकाबले मुंबई से बैंकॉक का हवाई किराया करीब ₹15,000 बताया गया है। हालांकि, वास्तविक कीमत यात्रा की तारीख, एयरलाइन, उपलब्ध सीटों, बुकिंग के समय और टिकट की शर्तों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं हवाई टिकटों के दाम?
त्योहारों के दौरान हवाई किराया बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें यात्रियों की बढ़ती मांग, विमान ईंधन की लागत और उड़ानों की उपलब्धता प्रमुख हैं।
1. कच्चे तेल और ATF की कीमतों का असर
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर विमानन क्षेत्र पर भी पड़ता है। विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) कहा जाता है। ईंधन की लागत बढ़ने पर एयरलाइंस अपने खर्चों की भरपाई के लिए फ्यूल चार्ज या टिकट की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
2. त्योहारों में अचानक बढ़ जाती है मांग
दिवाली और छठ पूजा बिहार और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बड़े त्योहार हैं। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे शहरों में काम करने वाले लोग इस दौरान अपने परिवार के पास लौटते हैं। सीमित समय में बड़ी संख्या में यात्रियों के टिकट बुक करने से उपलब्ध सस्ती सीटें जल्दी खत्म हो सकती हैं और बाकी टिकट महंगे मिल सकते हैं।
3. कुछ रूट्स पर उड़ानों की संख्या में कमी
ग्लोबल एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में निर्धारित घरेलू उड़ानों की संख्या पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 5% कम है। वहीं, सीटों की कुल उपलब्ध क्षमता में 1.2% की कमी दर्ज की गई है।
इन आंकड़ों के मुताबिक, एयरलाइंस कुछ कम उड़ानें संचालित करते हुए बड़े विमानों और प्रति उड़ान अधिक सीटों के जरिए कुल उपलब्ध क्षमता को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, किसी खास रूट पर किराया कितना बढ़ेगा, यह वहां की मांग और सीटों की उपलब्धता पर भी निर्भर करता है।
पिछले साल के मुकाबले कितना महंगा हुआ हवाई सफर?
ट्रैवल प्लेटफॉर्म Yatra के अनुसार, घरेलू हवाई किराये पिछले साल की तुलना में लगभग 30% से 40% तक बढ़े हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराये में करीब 30% से 50% तक की बढ़ोतरी बताई गई है।
इसके बावजूद घरेलू उड़ानों की बुकिंग और टिकट सर्च में मोटे तौर पर स्थिरता बनी हुई है। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु, मुंबई-दिल्ली और मुंबई-बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरीय रूट्स पर मांग बनी हुई है। इसके अलावा बड़े शहरों को पटना और कोच्चि से जोड़ने वाली उड़ानों में भी यात्रियों की दिलचस्पी देखी जा रही है।
क्या दिवाली और छठ तक किराया और बढ़ सकता है?
त्योहारों के करीब आने के साथ किराये में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर किसी रूट पर यात्रियों की मांग ज्यादा रहती है और कम कीमत वाली सीटें उपलब्ध नहीं होती हैं, तो टिकट और महंगे हो सकते हैं। हालांकि, किराये में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।
जो यात्री दिवाली या छठ पर घर जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अलग-अलग एयरलाइंस के किराये की तुलना करनी चाहिए। यात्रा की तारीख में थोड़ा बदलाव संभव हो तो आसपास के दिनों की कीमतें भी देखनी चाहिए। इसके अलावा, टिकट बुक करने से पहले सामान ले जाने की सीमा, कैंसिलेशन चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी लेना जरूरी है।
कुल मिलाकर, दिवाली और छठ के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए हवाई सफर महंगा होता दिखाई दे रहा है। मुंबई-दरभंगा जैसे रूट पर ₹30,000 से ज्यादा किराये की खबर ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में समय रहते टिकटों की कीमतों की तुलना करना और यात्रा की योजना बनाना बजट पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करने में मदद कर सकता है।
ये भी पढ़ें: धारावी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! माटुंगा में 10,432 घरों का निर्माण कार्य हुआ शुरू
















