ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास तारीफ की। पदक तो उन्होंने रिंग में जीता, लेकिन ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत के गलत नक्शे को लेकर उनकी सजगता ने भी सुर्खियां बटोरीं। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान खुद इस घटना का जिक्र करते हुए लवलीना से हल्के अंदाज में पूछा, “क्या हुआ, वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?”

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क्या थी पूरी घटना?
लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। खेलों के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम जश्न मनाने ग्लासगो के ‘Mr. Singh’s India’ रेस्टोरेंट पहुंची। वहां लवलीना की नजर नैपकिन और बाहर लगे लोगो पर बनी भारत के नक्शे पर पड़ी। नक्शे में पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा गायब था।
असम की रहने वाली लवलीना को ये देखकर दुख हुआ। उन्होंने आक्रामक होने के बजाय शालीनता से रेस्टोरेंट मैनेजमेंट से बात की। उन्होंने कहा, “कृपया इसे गलत तरीके से मत लीजिए। मुझे ये देखकर थोड़ा दुख हुआ। भारत के नक्शे में हमारा पूर्वोत्तर गायब है। पूर्वोत्तर से होने के कारण ये हमें दुख पहुंचाता है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि अगली बार इसका ध्यान रखें।”

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रेस्टोरेंट ने मांगी माफी
लवलीना (Lovlina) की आपत्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने बयान जारी कर गलत नक्शे के इस्तेमाल के लिए माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगो और अन्य जगहों पर भारत के सही नक्शे का इस्तेमाल किया जाएगा। रेस्टोरेंट ने भारतीय टीम की मेजबानी को सम्मान की बात बताया और खिलाड़ियों को बधाई दी।
पीएम मोदी की तारीफ
कॉमनवेल्थ गेम्स से लौटे खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लवलीना (Lovlina) की इस हरकत का जिक्र किया। लवलीना ने हंसते हुए पूरी घटना बताई। पीएम मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि जीत का जश्न मनाते समय भी देश के नक्शे की अहमियत को पहचानना अपने आप में खास बात है।
पीएम मोदी ने कहा, “खेलों के समापन और जश्न के माहौल में भी उस नक्शे के महत्व को पहचान पाना… मैं सच कहता हूं कि वह वीडियो साधारण नहीं था। लोग उसे बहुत लंबे समय तक याद रखेंगे।”
खेल और देशभक्ति का संगम
लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) की ये घटना सिर्फ एक रेस्टोरेंट विवाद नहीं, बल्कि देश के नक्शे और एकता के प्रति खिलाड़ी की सजगता को दिखाती है। उन्होंने रिंग में पदक तो जीता ही, मैदान के बाहर भी देश की अखंडता का मुद्दा शालीनता से उठाया। प्रधानमंत्री की तारीफ ने इस पूरे प्रसंग को और खास बना दिया है।


























