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BAMS परीक्षा से पहले WhatsApp पर वायरल हुए सवाल! गुजरात में पेपर लीक की आशंका से मचा हड़कंप

BAMS परीक्षा
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देश में परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर लगातार चर्चा के बीच गुजरात से एक नया मामला सामने आया है। जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय में आयोजित BAMS परीक्षा से पहले कथित तौर पर कुछ प्रश्न WhatsApp पर वायरल होने का दावा किया गया है। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि वायरल हुए कई सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और एक विशेष समिति का गठन किया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, BAMS परीक्षा शुरू होने से पहले कुछ छात्रों के मोबाइल फोन पर WhatsApp के जरिए प्रश्नों की एक सूची साझा की गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद कई विद्यार्थियों ने दावा किया कि इन प्रश्नों में से कुछ सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी हद तक मेल खाते थे। हालांकि, अभी तक ये आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि वायरल सामग्री वास्तव में मूल प्रश्नपत्र का हिस्सा थी या नहीं। इसी वजह से परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जांच के लिए बनाई गई विशेष समिति

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है। समिति ये पता लगाएगी कि वायरल किए गए प्रश्नों और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच कितना साम्य है। साथ ही ये भी जांच की जाएगी कि यदि किसी प्रकार की गोपनीय जानकारी परीक्षा से पहले बाहर पहुंची, तो वो किस माध्यम से लीक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

छात्रों में बढ़ी चिंता

मामले के सामने आने के बाद परीक्षार्थियों में चिंता का माहौल है। कई छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उससे जुड़े सवाल किसी भी माध्यम से बाहर पहुंचे हैं, तो इससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। छात्रों ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विश्वविद्यालय का क्या कहना है?

विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल किसी भी तरह के पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। समिति सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल ये मामला जांच के अधीन है और पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही ये स्पष्ट होगा कि वायरल हुए प्रश्न वास्तव में परीक्षा से जुड़े थे या नहीं। तब तक छात्रों और अभिभावकों की नजर विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर बनी रहेगी।

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