सपनों के शहर मुंबई में घर खरीदना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन इसी सपने का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोह भी सक्रिय हैं। ताजा मामला खार इलाके का है, जहाँ एक कथित पुजारी और उसके परिवार ने एक व्यक्ति को फ्लैट दिलाने के बहाने 85 लाख रुपये की चपत लगा दी। खार पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजेश शर्मा और उसके बेटे विराज शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें बांद्रा कोर्ट ने दो दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
शादी में हुई थी जान-पहचान
इस धोखाधड़ी की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी। शिकायतकर्ता किशोर आहुजा अपने परिवार के साथ जयपुर में एक रिश्तेदार की शादी में गए थे। वहां उनकी मुलाकात राजेश शर्मा से हुई, जो वहां पुजारी के तौर पर आया था। बातों-बातों में आहुजा ने बताया कि उन्हें खार स्थित अपना पुराना फ्लैट बेचकर नया फ्लैट खरीदना है। राजेश ने खुद को रीयल एस्टेट का जानकार बताते हुए उन्हें खार के 15वें रोड पर स्थित ‘हमराही बिल्डिंग’ में एक फ्लैट दिलाने का झांसा दिया।
85 लाख लिए, पर नहीं मिला कब्जा
राजेश शर्मा ने फ्लैट का सौदा 1.10 करोड़ रुपये में तय किया। उसने शर्त रखी कि 85 लाख रुपये एडवांस देने होंगे और बाकी के 25 लाख रुपये कब्जा मिलने पर देने होंगे। भरोसे में आकर आहुजा ने 85 लाख रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी जब फ्लैट का कब्जा नहीं मिला, तो राजेश बहाने बनाने लगा। उसने कभी अपने ससुर के इलाज के लिए अमेरिका जाने की बात कही, तो कभी अन्य पारिवारिक कारण बताए। बाद में पता चला कि उक्त बिल्डिंग को लेकर राजेश का अपने पार्टनर के साथ विवाद चल रहा है और मामला हाई कोर्ट में है।
धमकी, बाउंसर्स और फर्जी रसीद का खेल
जब आहुजा ने अपने पैसे वापस मांगे, तो राजेश शर्मा, उसकी पत्नी दीपा शर्मा और बेटे विराज ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उन्होंने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि शर्मा परिवार ने बाउंसर्स बुलाकर आहुजा को धमकाया और जबरन एक कागज पर दस्तखत करवाए कि यह 85 लाख रुपये फ्लैट के लिए नहीं दिए गए थे।
इतना ही नहीं, जालसाजी की हद तो तब हो गई जब राजेश ने किराए की 1 लाख रुपये की रसीद में छेड़छाड़ कर उसे 91 लाख की फर्जी रसीद बना दिया और उल्टा आहुजा के खिलाफ ही 12 लाख रुपये बकाया होने का दीवानी मुकदमा (Civil Suit) ठोक दिया।
पुलिस की कार्रवाई
तमाम सबूतों और शिकायत के आधार पर खार पुलिस ने मामला दर्ज किया।
गिरफ्तारी: राजेश शर्मा और विराज शर्मा को शनिवार (21 फरवरी) को गिरफ्तार किया गया।
फरार: तीसरी आरोपी दीपा शर्मा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
कोर्ट का फैसला: बांद्रा कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: जांच में यह भी सामने आया है कि शर्मा परिवार का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले एक प्रशासनिक अधिकारी वीणा हेंगडे के साथ धक्का-मुक्की करने और प्रवीण व चंदन तलरेजा को धमकाने के मामले में भी इनके खिलाफ FIR दर्ज है।
वर्तमान में पिता पुत्र जेल में बंद हैं
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