महाराष्ट्र

Maharashtra Heatwave Alert: सरकार ने लागू की सख्त SOP, दोपहर 12 से 4 बजे तक आउटडोर काम बंद

Maharashtra Heatwave Alert

Maharashtra Heatwave Alert: महाराष्ट्र में बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। असंगठित क्षेत्र के आउटडोर कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। आपदा प्रबंधन मंत्री Girish Mahajan ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक सभी आउटडोर काम पूरी तरह बंद रहेंगे।

बदला काम का समय, सुरक्षा पर जोर

नई गाइडलाइन के तहत काम के समय में बदलाव किया गया है। अब श्रमिक सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक काम कर सकेंगे। स्थानीय प्रशासन को निर्माण स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और ठेला-वेंडिंग जोन में इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Heatwave का बढ़ता खतरा

राज्य में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में ये 47 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं Mumbai, Nagpur, Pune और Nashik जैसे शहरों में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव के कारण तापमान और अधिक महसूस किया जा रहा है।

15 जिले घोषित हाई-रिस्क जोन

सरकार ने लातूर, अमरावती, यवतमाल, अकोला, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गोंदिया, जलगांव, नंदुरबार, धुले और नांदेड़ समेत कुल 15 जिलों को हाई-रिस्क जोन घोषित किया है। जरूरत पड़ने पर ये SOP अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है।

राहत के लिए विशेष इंतजाम

गर्मी से राहत देने के लिए बाजारों, ट्रैफिक जंक्शनों और वेंडिंग जोन में वॉटर बूथ लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए ORS और इलेक्ट्रोलाइट्स का वितरण किया जाएगा, ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।

इसके अलावा, श्रमिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी छाया की व्यवस्था, पार्कों को दोपहर में खुला रखने और महिला कामगारों की सुरक्षा के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं भी अलर्ट पर

सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सतर्क कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस तैनात की जाएंगी और आशा कार्यकर्ताओं को हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानने और प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बढ़ता खतरा और सरकार की तैयारी

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 50% से अधिक जिले लू के जोखिम वाले क्षेत्र में आते हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता शहरीकरण और उच्च आर्द्रता के कारण स्थिति और गंभीर हो रही है। तटीय क्षेत्रों में उमस के कारण गर्मी का असर और भी खतरनाक हो जाता है।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू की गई ये नई SOP भीषण गर्मी से निपटने की दिशा में एक अहम कदम है। इन उपायों से न केवल कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि Heatwave के कारण होने वाली बीमारियों और जानमाल के नुकसान को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।

ये भी पढ़ें: मुंबई में ड्रग्स का जाल: NESCO इवेंट से खुला बड़ा नेटवर्क, छात्रों पर खतरा

You may also like