देश की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही एक संवेदनशील जांच में निदा खान को लेकर कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान उसके लैपटॉप से ऐसे डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं, जिनमें दुनिया भर के 136 कथित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े संपर्क होने की बात कही जा रही है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
डिजिटल डाटा से मिले अहम सुराग
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम को लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई चैट रिकॉर्ड, ईमेल, ऑनलाइन मीटिंग्स और संपर्क सूची मिली हैं। दावा किया जा रहा है कि इन संपर्कों का संबंध अलग-अलग देशों में सक्रिय कट्टरपंथी संगठनों से हो सकता है। हालांकि, अभी तक एजेंसियों ने आधिकारिक रूप से सभी संगठनों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
पाकिस्तान स्थित समूहों से संपर्क का दावा
जांच एजेंसियों का कहना है कि निदा खान कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद कुछ समूहों के साथ वीडियो कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जुड़ी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इन ऑनलाइन सत्रों में धर्म परिवर्तन से संबंधित गतिविधियों पर चर्चा और कथित प्रशिक्षण दिए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियां कर रही हैं विस्तृत पड़ताल
सुरक्षा एजेंसियां अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपर्कों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इस नेटवर्क के तार भारत के अन्य राज्यों या विदेशी संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। जांच में साइबर एक्सपर्ट्स और इंटेलिजेंस एजेंसियों की मदद ली जा रही है ताकि डिजिटल डेटा की पूरी तरह जांच की जा सके।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल इस मामले में कई जानकारियां प्रारंभिक जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आई हैं। एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
NOTE: ये खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और प्रारंभिक जांच में सामने आए दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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