महाराष्ट्र

नासिक कुंभ मेला से पहले बड़ा फर्जीवाड़ा: 70 करोड़ के ठेकों में नकली हस्ताक्षर का मामला उजागर

नासिक
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महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले एक बड़ा घोटाला सामने आया है। कुंभ मेला प्राधिकरण के नाम पर करीब 70 करोड़ रुपये के फर्जी ठेके जारी करने की कोशिश की गई, जिसमें प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रवीण गेडाम के नकली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। ये मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, नासिक-त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर से सिंहस्थ कुंभ मेला आयोजित होना है। इसी आयोजन की तैयारियों के बीच कुछ लोगों ने कुंभ मेला प्राधिकरण के नाम का दुरुपयोग करते हुए फर्जी वर्क ऑर्डर और अनुमति पत्र तैयार किए।

इन दस्तावेजों के जरिए CCTV सर्विलांस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा एवं निगरानी सिस्टम उपलब्ध कराने के नाम पर ठेके हासिल करने की कोशिश की गई।बताया जा रहा है कि 35-35 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग वर्क ऑर्डर तैयार किए गए थे, जिससे कुल राशि करीब 70 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब संबंधित दस्तावेज कुंभ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रवीण गेडाम तक पहुंचे। उन्होंने दस्तावेजों की जांच के बाद साफ किया कि इन पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं।

इसके बाद अधिकारियों को शक हुआ और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ये पूरा फर्जीवाड़ा जल्दबाजी में चल रही कुंभ मेले की तैयारियों का फायदा उठाकर किया गया।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला

इस मामले में नासिक रोड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है। संभागीय आयुक्त कार्यालय के निजी सहायक विजय सोनवणे की ओर से ये शिकायत दी गई।

बताया गया कि नीलकंठ शेवाले नामक व्यक्ति इन वर्क ऑर्डर और अनुमति पत्रों की सत्यता की जांच कराने के लिए कार्यालय पहुंचा था। उसने ये भी बताया कि उसे ये दस्तावेज नांदेड़ के स्वाभिमानी शेतकरी संगठन से जुड़े गजानन पाटील द्वारा दिए गए थे।

जांच में क्या आया सामने?

जब अधिकारियों ने शेवाले द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और उसके मोबाइल में मौजूद PDF फाइल की जांच की, तो कई संदिग्ध बातें सामने आईं। इसके बाद प्रवीण गेडाम को जानकारी दी गई और उनके बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है।

प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने कुंभ मेले जैसी बड़ी और संवेदनशील आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं से जुड़े ठेकों में इस तरह की गड़बड़ी सामने आना चिंता का विषय है।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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