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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: अंबादास दानवे के नाम पर MVA में फूट, उम्मीदवारों के चयन के लिए कांग्रेस की अहम बैठक शुरू

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महाराष्ट्र में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी सिलसिले में आज मुंबई स्थित कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन’में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करना और महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर सीटों के तालमेल की रणनीति तैयार करना है।

बैठक में दिग्गज नेता मौजूद
चुनाव की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरे इस बैठक में शामिल हैं। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में की जा रही है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता उपस्थित हैं:

  • हर्षवर्धन सपकाळ: प्रदेशाध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
  • विजय वडेट्टीवार: विधानसभा विधानसभा में विपक्ष के नेता।
  • सतेज (बंटी) पाटील: विधान परिषद में कांग्रेस के नेता।

इन नेताओं के साथ-साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर के फीडबैक के आधार पर जिताऊ उम्मीदवारों का चयन किया जा सके।

रणनीति और उम्मीदवारी पर चर्चा
बैठक के भीतर से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, कांग्रेस इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। चर्चा के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:

  • उम्मीदवारों का चयन: विधान परिषद की खाली हो रही सीटों पर पार्टी किसे मौका दे, इस पर गहन मंथन चल रहा है। स्थानीय समीकरणों और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है।
  •  महाविकास अघाड़ी (MVA) का समन्वय: शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर भी प्राथमिक चर्चा की जा रही है, ताकि गठबंधन के वोटों में बिखराव न हो।
  • विधायकों की लामबंदी: चुनाव में किसी भी प्रकार की ‘क्रॉस वोटिंग’ को रोकने के लिए विधायकों को एकजुट रखने की योजना पर भी बात हो रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद का यह चुनाव कांग्रेस के लिए अपनी ताकत दिखाने का एक बड़ा मौका है। सतेज पाटील और विजय वडेट्टीवार जैसे अनुभवी नेताओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि कांग्रेस इस चुनाव को केवल औपचारिकता नहीं मान रही, बल्कि इसे सत्ता पक्ष (महायुति) के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक जीत के रूप में देख रही है।
बैठक के समापन के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची आलाकमान को भेजी जाएगी, जिसके बाद दिल्ली से आधिकारिक नामों की घोषणा होने की संभावना है।

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