देश में बढ़ती चुनौतियों और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने की अपील के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए नेताओं और मंत्रियों को कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि केवल एक-दो दिन के लिए काफिले कम कर देना या प्रतीकात्मक कदम उठाना काफी नहीं है, बल्कि इसमें निरंतरता और गंभीरता दिखनी चाहिए।
शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अगर देश में हालात सामान्य होते तो ऐसी अपील की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो नेता अपने काफिले की गाड़ियां कम कर रहे हैं, उन्हें इसे प्रचार का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। ये कदम लगातार और ईमानदारी से लागू होना चाहिए, तभी इसका वास्तविक असर दिखाई देगा।
‘देश के हालात गंभीर, पीएम को बुलानी चाहिए सर्वदलीय बैठक’
एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष ने मौजूदा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि जब देश किसी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा हो, तब सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर सामूहिक निर्णय लेना जरूरी हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनावी दौर में ईंधन बचत और सरकारी खर्च कम करने जैसे मुद्दों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
पवार ने कहा कि यदि अब ईंधन बचत की जरूरत महसूस हो रही है तो ये संकेत है कि स्थिति सामान्य नहीं है। ऐसे में सरकार को केवल अपील तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने चाहिए।
‘मंत्रियों के काफिले में 17 गाड़ियों की क्या जरूरत?’
शरद पवार (Sharad Pawar) ने वीआईपी संस्कृति और मंत्रियों के बड़े काफिलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मंत्रियों के काफिलों में 15 से 17 गाड़ियां शामिल रहती हैं, जिसकी वास्तविक आवश्यकता नहीं होती। यदि सरकार सच में ईंधन बचाना चाहती है तो ऐसे काफिलों को स्थायी रूप से छोटा किया जाना चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से उनके अपने काफिले में सिर्फ तीन गाड़ियां हैं। पवार के मुताबिक, संसाधनों की बचत केवल जनता के लिए नहीं बल्कि नेताओं और सरकार के लिए भी समान रूप से जरूरी है।
देवेंद्र फडणवीस के बाइक सफर पर भी बोले पवार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बाइक से मंत्रालय पहुंचने को लेकर भी शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री रोजाना इसी तरह बाइक से मंत्रालय जाएं, तब लोग इसे गंभीर प्रयास मानेंगे। सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन लोगों के बीच ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ता।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को बाइक से अपने सरकारी आवास ‘वर्षा’ से विधान भवन पहुंचे थे। बाद में वे मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में भी बाइक से ही शामिल हुए।
प्रशासनिक खर्चों में कटौती की जरूरत
शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद सरकार के पास प्रशासनिक खर्चों में कटौती के कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी स्तर पर अनावश्यक यात्राओं, बड़े काफिलों और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि जनता के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शरद पवार का ये बयान केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि ये सरकार और नेताओं की कार्यशैली पर भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
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