देश-विदेश

Pune: किसानों के आंदोलन से महाराष्ट्र-कर्नाटक बॉर्डर पर यातायात प्रभावित, ट्रक-कंटेनर फंसे; जानें वैकल्पिक रास्ते

Pune
Image Source - Web

Pune: महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर गन्ना किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। किसानों के प्रदर्शन के कारण मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कोगनोली टोल प्लाजा के आसपास सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ट्रक और कंटेनर समेत कई भारी वाहन जाम में फंसे हुए हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यात्रियों को इस मार्ग पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

ये प्रदर्शन गन्ने के उचित दाम, चीनी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और इथेनॉल की खरीद दर बढ़ाने जैसी मांगों को लेकर किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि मौजूदा दरों पर चीनी मिलों के लिए किसानों को उनकी अपेक्षा के मुताबिक भुगतान करना मुश्किल हो रहा है।

दो दिनों से जारी है किसानों का प्रदर्शन

महाराष्ट्र के स्वाभिमानी शेतकारी संगठन और कर्नाटक के रैयत संघ से जुड़े किसानों ने सरकार के साथ बातचीत सफल नहीं होने के बाद आंदोलन शुरू किया। मंगलवार सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। इसके चलते महाराष्ट्र के कोल्हापुर और आसपास के क्षेत्रों से कर्नाटक के बेलगावी तथा बेंगलुरु की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

कोगनोली टोल प्लाजा के दोनों ओर भारी वाहनों की कतारें लगने से यात्रियों और माल परिवहन करने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलन के कारण हाईवे पर यातायात सामान्य होने में समय लगने की आशंका जताई गई।

पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रंजन कुमार शर्मा ने यात्रियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के प्रभावित हिस्से पर यात्रा करने से बचें। पुलिस ने गूगल मैप्स के अधिकारियों को पत्र लिखकर कोगनोली टोल प्लाजा के पास प्रभावित मार्ग को बंद दिखाने का अनुरोध भी किया, ताकि यात्रियों को जाम वाले रास्ते की जानकारी पहले ही मिल सके।

पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह तक यातायात की स्थिति में विशेष सुधार नहीं हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर गूगल मैप्स को इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि मार्ग बंद होने से संबंधित चेतावनी हटाई जा सके।

बेलगावी जाने के लिए कौन से वैकल्पिक रास्ते सुझाए गए?

पुलिस ने यात्रियों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

  • पहला रास्ता: सतारा से रहमतपुर, तासगांव, मिरज और गोकक होते हुए बेलगावी की ओर जा सकते हैं।
  • दूसरा रास्ता: कराड से अष्टा, सांगली और मिरज होते हुए बेलगावी की दिशा में जाने वाले मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन वैकल्पिक रास्तों पर यातायात नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मियों की मदद से जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों को निकलने से पहले रास्ते की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

चीनी और इथेनॉल की कीमतें बढ़ाने की मांग

किसानों के आंदोलन की मुख्य वजह गन्ने से जुड़े उत्पादों की कीमतों को लेकर असंतोष है। स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी के मुताबिक, किसान संगठन चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम और इथेनॉल की खरीद कीमत 70 रुपये प्रति लीटर करने की मांग कर रहे हैं।

किसान संगठनों का तर्क है कि यदि इन दरों में बढ़ोतरी होती है, तो चीनी मिलों की आमदनी में सुधार हो सकता है और वे किसानों को गन्ने के लिए बेहतर भुगतान कर सकेंगी। संगठन का दावा है कि उनकी मांगें पूरी होने पर किसानों को 5,000 रुपये प्रति टन तक भुगतान करने की स्थिति बन सकती है।

हालांकि, ये दरें किसान संगठनों की मांगें हैं। इन्हें सरकार की ओर से स्वीकृत नई दरें नहीं माना जाना चाहिए।

गन्ना पेराई सीजन से पहले बढ़ा दबाव

गन्ने की पेराई का नया सीजन शुरू होने से पहले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दबाव बढ़ाया है। गन्ने का भुगतान किसानों की आय का प्रमुख हिस्सा होता है, जबकि चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति चीनी और इथेनॉल की कीमतों से भी प्रभावित होती है। इसी कारण किसान संगठन चाहते हैं कि पेराई सीजन शुरू होने से पहले कीमतों को लेकर समाधान निकाला जाए।

फिलहाल आंदोलन के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित है। यात्रियों को पुलिस की सलाह का पालन करने और यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने की जरूरत है।

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर किसानों का आंदोलन गन्ने की कीमतों और चीनी-इथेनॉल की दरों से जुड़ा है। प्रदर्शन के कारण मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है। अब यात्रियों की परेशानी कम करने के साथ-साथ किसानों की मांगों पर बातचीत से समाधान निकलना महत्वपूर्ण होगा।

ये भी पढ़ें: छठ पर बिहार जाना हुआ मुश्किल, मुंबई-दरभंगा फ्लाइट का किराया ₹30,000 पार!

You may also like