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28 हजार क्विंटल तेल और 20 हजार क्विंटल मसाले जब्त, अब आटे की जांच करेंगे Tukaram Mundhe

Tukaram Mumdhe
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पुणे: महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट और एक्सपायरी डेट के बाद भी सामान बेचने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब विभाग के निशाने पर खाने के तेल और मसालों के बाद पैकेटबंद आटा भी आ गया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) ने पूरे राज्य में पोली और भाकरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले आटे की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। नियमों का उल्लंघन करने और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक्सपायर्ड आटे की बिक्री की शिकायतों के बाद FDA अलर्ट

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) ने रविवार को पुणे में द पूना मर्चेंट्स चैंबर के लड्डू-चिवड़ा सेल्स सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान कुछ जगहों पर एक्सपायरी डेट पार कर चुके आटे की बिक्री किए जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद विभाग ने पूरे महाराष्ट्र में पैकेटबंद आटे की गुणवत्ता और उसकी एक्सपायरी डेट की जांच करने का फैसला लिया है।

मुंढे के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए FDA पिछले कई महीनों से विशेष अभियान चला रहा है। त्योहारों को देखते हुए विभाग ने पहले ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दिया था और करीब 21 दिन पहले से कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।

अब इस अभियान का दायरा बढ़ाते हुए रिटेल दुकानदारों, होलसेल कारोबारियों, डीलरों और सेमी-डीलरों के यहां भी जांच तेज की जाएगी। विभाग ये सुनिश्चित करना चाहता है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और उपभोक्ताओं की सेहत के साथ कोई समझौता न हो।

28 हजार क्विंटल तेल और 20 हजार क्विंटल मसाले जब्त

तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए गए अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है। अब तक करीब 28 हजार क्विंटल खाद्य तेल और लगभग 20 हजार क्विंटल मसाले जब्त किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट केवल कारोबारी नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों की सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए विभाग की ओर से जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

व्यापारियों को परेशान करने के आरोपों पर भी दिया जवाब

हाल के दिनों में कुछ व्यापारी संगठनों और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत की ओर से FDA अधिकारियों पर कारोबारियों को बेवजह परेशान करने के आरोप लगाए गए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंढे ने कहा कि यदि कोई अधिकारी बिना वजह किसी व्यापारी को परेशान करता है या जांच के नाम पर पैसे मांगता है, तो संबंधित व्यापारी सबूतों के साथ विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है।

हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि केवल दुकान में निरीक्षण करने पहुंचने को अधिकारियों की मनमानी नहीं माना जा सकता। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना हर कारोबारी की जिम्मेदारी है। जांच का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

दिवाली के स्नैक्स और मिठाइयों पर भी रहेगी नजर

दिवाली के दौरान बाजारों में लड्डू, चिवड़ा, नमकीन और दूसरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में FDA इन उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता की भी जांच करेगा। मुंढे ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में त्योहारों पर बिकने वाले स्नैक्स और अन्य खाद्य पदार्थों का निरीक्षण किया जाएगा।

विभाग की कोशिश होगी कि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और उसमें किसी तरह की मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी न हो।

कर्मचारियों की कमी के बावजूद जारी रहेगा अभियान

FDA कमिश्नर ने यह भी स्वीकार किया कि महाराष्ट्र की बड़ी आबादी को देखते हुए विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई जारी रखी जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री या एक्सपायर्ड सामान बेचे जाने की जानकारी मिलती है, तो वे विभाग को इसकी शिकायत जरूर करें।

गौरतलब है कि 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने मई 2026 के आखिर में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट और होटल-रेस्टोरेंट में साफ-सफाई से जुड़े मामलों की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अब आटे की जांच के फैसले के बाद खाद्य कारोबारियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारियां जरूर जांचें।

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