IT Sector में ‘AI’ का कोहराम: मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘ब्लैक ट्यूसडे’ साबित हुआ। सेंसेक्स 1,069 अंक (1.3%) टूटकर 82,226 पर और निफ्टी 288 अंक गिरकर 25,425 पर बंद हुआ। इस गिरावट का सबसे बड़ा केंद्र रहा आईटी इंडेक्स, जो इस साल (2026) अब तक 21% तक साफ हो चुका है। दिग्ग्ज आईटी कंपनियों के शेयरों में 6.6% तक की भारी बिकवाली ने बाजार में डर का माहौल बना दिया है।
गिरावट की मुख्य वजह: ‘सिट्रनी’ की डरावनी रिपोर्ट
बाजार में इस उथल-पुथल के पीछे अमेरिकी रिसर्च ग्रुप सिट्रनी (Citroni) की एक रिपोर्ट है, जिसका शीर्षक है ‘2028 ग्लोबल इंटेलिजेंस क्राइसिस’। इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- व्हाइट कॉलर नौकरियों पर संकट: एआई (AI) एजेंट्स के आने से दफ्तरों में काम करने वाले पेशेवरों की नौकरियां खत्म हो सकती हैं।
- कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द होने का खतरा: टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों के मौजूदा क्लाइंट्स अपने कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द कर सकते हैं क्योंकि वे अब एआई को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- आर्थिक मंदी के संकेत: रिपोर्ट में रुपया गिरने और वैश्विक मंदी जैसे हालात पैदा होने की चेतावनी दी गई है।
नैसकॉम बनाम सिट्रनी: दो विरोधाभासी विचार
जहाँ सिट्रनी रिसर्च डर पैदा कर रही है, वहीं भारतीय आईटी संस्था नैसकॉम (NASSCOM) का नजरिया बिल्कुल अलग है। नैसकॉम के अनुसार:
- भारतीय टेक इंडस्ट्री में 6.1% की दर से वृद्धि जारी रहेगी।
- AI से दुनिया भर में डिजिटल खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा लाभ भारतीय आईटी कंपनियों को ही मिलेगा।
कंपनियों की जवाबी तैयारी: एआई को बनाया हथियार
बाजार के दबाव और बदलती तकनीक को देखते हुए भारतीय आईटी दिग्गजों ने अपनी रणनीति बदल दी है:
- TCS: कंपनी ने विशेष रूप से ‘एआई.क्लाउड’ बिजनेस यूनिट का गठन किया है ताकि क्लाइंट्स को भविष्य की तकनीक दी जा सके।
- Infosys: बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए ‘स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स’ (SLMs) पेश किए हैं, जो अधिक सुरक्षित और सटीक हैं।
नंदन नीलेकणी का मंत्र: “डरें नहीं, एआई को काम पर लगाएं”
इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य को लेकर डर गैर-वाजिब है। उन्होंने कहा, “अब केवल कोडिंग करना आईटी पेशेवरों का लक्ष्य नहीं होना चाहिए। अब सफलता का असली मंत्र ‘एआई को काम पर लगाने’ की कला सीखना है।”
बाजार का तुलनात्मक विश्लेषण (जनवरी 2026 से अब तक)
| सेक्टर | प्रदर्शन (बदलाव %) | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| आईटी (IT) | -21% | भारी दबाव और बिकवाली |
| मेटल (Metal) | +7% | मजबूत रिकवरी और उछाल |
| पावर (Power) | +6.5% | निवेशकों का बढ़ता भरोसा |
भारतीय आईटी सेक्टर एक बड़े बदलाव (Transformation) के दौर से गुजर रहा है। सिट्रनी की रिपोर्ट ने अल्पकालिक डर जरूर पैदा किया है, लेकिन यदि भारतीय कंपनियां नीलेकणी के सुझाव के अनुसार एआई को अपनी ताकत बना लेती हैं, तो यह गिरावट निवेश का एक बेहतरीन अवसर भी साबित हो सकती है।






























