महाराष्ट्र

हादसे से पहले अजित पवार ने किया था भावुक पोस्ट, जानें किनके लिए और क्या लिखा था डिप्टी सीएम ने

अजित पवार
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक दर्दनाक चार्टर्ड विमान हादसे में निधन हो गया है। ये हादसा उस समय हुआ, जब वो पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की तैयारी कर रहे थे। इस घटना से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है और राजनीतिक जगत में गहरा सदमा देखा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजित पवार चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पुणे से बारामती की ओर रवाना हुए थे। लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान रनवे पर संतुलन खो बैठा, जिसके बाद उसमें अचानक आग लग गई। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में अजित पवार के अलावा उनके सुरक्षाकर्मी, एक सहायक और दो क्रू मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं।

हादसे से कुछ मिनट पहले किया था आखिरी पोस्ट

इस दर्दनाक दुर्घटना से कुछ ही मिनट पहले अजित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी आखिरी पोस्ट साझा की थी। ये पोस्ट स्वतंत्रता सेनानी और ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय की जयंती के अवसर पर की गई थी। पोस्ट में उन्होंने देशभक्ति और बलिदान को नमन करते हुए लिखा था कि लाला लाजपत राय ने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया।

अजित पवार

ये पोस्ट अब उनके जीवन का आखिरी सार्वजनिक संदेश माना जा रहा है, जिसे पढ़कर समर्थक और आम लोग भावुक हो रहे हैं। संयोगवश, देशभक्ति और बलिदान पर लिखा गया यह संदेश उनके अपने राजनीतिक जीवन को भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है।

चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे अजित पवार

बताया जा रहा है कि अजित पवार 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने जा रहे थे। चुनावी रणनीति और संगठनात्मक बैठकों को लेकर उनका दिन पहले से तय था, लेकिन ये यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बन गई।

अजित पवार का राजनीतिक सफर

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था। वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे और महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। अपने लंबे राजनीतिक करियर में वो कुल 6 बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे।

2023 में एनसीपी में हुए विभाजन के बाद अजित पवार एक अलग राजनीतिक धड़े के नेता के रूप में सामने आए और राज्य की सत्ता में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वित्त, जल संसाधन, योजना और विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और कई बजट व नीतियों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई।

राजनीतिक गलियारों में उन्हें “महाराष्ट्र का राजनीतिक सर्वाइवर” कहा जाता था, क्योंकि वह दशकों तक सत्ता और प्रशासन के केंद्र में बने रहे।

राजनीति में पैदा हुआ बड़ा शून्य

अजित पवार के काल्पनिक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। समर्थकों, नेताओं और आम नागरिकों की ओर से शोक संदेशों का सिलसिला जारी है। उनके योगदान और राजनीतिक प्रभाव को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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