अंटार्कटिका की बर्फीली भूमि में एक ऐसा पहाड़ मौजूद है जो ऊपर से देखने में बिल्कुल मिस्री पिरामिड (pyramid-like mountain) जैसा दिखाई देता है। 2016 में इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर कई अजीबोगरीब थ्योरीज़ सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे किसी प्राचीन सभ्यता का अवशेष माना, तो कुछ ने दावा किया कि ये एलियंस की कृति है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इन सभी विचारों को सिरे से खारिज कर दिया। आइए जानते हैं, इस रहस्यमयी पहाड़ की सच्चाई क्या है और ये इतनी चर्चा में क्यों है।
पहाड़ का पता कैसे चला?
ये रहस्यमय पहाड़ सबसे पहले 2016 में वैश्विक चर्चा का केंद्र बना। पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर मौरि पेल्टो के अनुसार, ये पहाड़ दक्षिणी अंटार्कटिका के पैट्रिओट हिल्स क्षेत्र के पास स्थित है, जहां जलवायु वैज्ञानिकों के लिए एक शोध केंद्र मौजूद है। चारों तरफ बर्फ से ढके होने और अपने अनोखे आकार की वजह से ये पहाड़ दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करता है। हालांकि, इसका कोई आधिकारिक नाम नहीं है, लेकिन इसकी असाधारण संरचना ने इसे विशेष बना दिया है।
पिरामिड जैसा आकार कैसे बना?
इस पहाड़ का पिरामिड जैसा आकार प्राकृतिक प्रक्रियाओं का नतीजा है। लाखों वर्षों तक हवा और बर्फ के लगातार कटाव के कारण इसका ये आकार विकसित हुआ है। प्रोफेसर पेल्टो बताते हैं कि “फ्रीज़-थॉ” (freeze-thaw) नामक प्रक्रिया इस संरचना के पीछे मुख्य कारण है। दिन में पिघलने वाला पानी दरारों में भरता है और रात में जमने पर ये दरारें और चौड़ी हो जाती हैं। ये प्रक्रिया समय के साथ चट्टानों को तोड़कर इसे अद्भुत आकार में ढालती है।
क्या ये असामान्य है?
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और नासा के वैज्ञानिक एरिक रिग्नॉट कहते हैं कि पिरामिड जैसी आकृति (pyramid in Antarctica) वाले पहाड़ असामान्य नहीं हैं। दुनिया में कई पहाड़ ऐसे हैं जिनके कुछ हिस्से पिरामिड जैसे दिखते हैं। हालांकि, हर दिशा से पिरामिड के आकार वाले पहाड़ दुर्लभ होते हैं। उन्होंने वायरल थ्योरीज़ को खारिज करते हुए कहा कि ये सिर्फ एक संयोग है जो प्रकृति की अद्भुत रचनात्मकता को दर्शाता है। इसे एलियंस से जोड़ना अवैज्ञानिक धारणा है।
अंटार्कटिका का ये पिरामिडनुमा पहाड़ दिखाता है कि हमारी जिज्ञासा और कल्पना कितनी दूर तक जा सकती है। लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर ये स्पष्ट है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक रूप से बनी संरचना है, जो प्रकृति की अद्भुत शक्तियों और रचनात्मकता का प्रमाण है।
ये भी पढ़ें: Bangladesh Border Fencing Dispute: बॉर्डर फेंसिंग को लेकर भारत-बांग्लादेश में क्यों बढ़ गया है तनाव? समझिए पूरा मामला





























