बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य बनने की अपनी योजना की पुष्टि कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी, जिससे उनके लंबे मुख्यमंत्री पद का अंत तय हो गया है। अब बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो जाएगी, और नीतीश कुमार 10 अप्रैल तक ही इस पद पर बने रहेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) प्रमुख नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।
नीतीश कुमार का भावुक ट्वीट: जनता को दिया धन्यवाद
नीतीश कुमार ने ट्वीट में लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से बिहार की जनता ने उन पर विश्वास बनाए रखा है, जिसकी बदौलत उन्होंने राज्य की सेवा की है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास से बिहार आज विकास और सम्मान के नए आयाम पर पहुंचा है। नीतीश ने अपनी पुरानी इच्छा का जिक्र किया कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनना चाहते थे। इसी क्रम में वे इस बार राज्यसभा सदस्य बनने जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता से उनका संबंध भविष्य में भी बना रहेगा और वे विकसित बिहार बनाने के संकल्प में शामिल रहेंगे। नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) March 5, 2026
नामांकन प्रक्रिया और अन्य उम्मीदवार
नीतीश कुमार आज विधानसभा परिसर में नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। जेडीयू की दो सीटों के लिए नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर के नाम पर एनआर (नजारत रसीद) कट चुका है। नामांकन 1-2 बजे के बीच होने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। बिहार में राज्यसभा की कुल 16 सीटों में से पांच अप्रैल में खाली हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव कराया जा रहा है। उम्मीदवार 9 मार्च तक नामांकन वापस ले सकते हैं, और मतदान 16 मार्च को होगा।
बिहार की राजनीति पर असर
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, और उनका राज्यसभा जाना राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगा। नए मुख्यमंत्री का चयन जल्द होगा, जिसके लिए गठबंधन दलों के बीच चर्चा शुरू हो चुकी है। नीतीश ने स्पष्ट किया कि वे दिल्ली जाने के बाद भी बिहार के विकास में सक्रिय रहेंगे। ये फैसला कल से चल रही अटकलों को विराम देता है, जब नामांकन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। बिहार की जनता अब नए नेतृत्व की ओर देख रही है, जबकि नीतीश कुमार संसदीय भूमिका में योगदान देंगे।
ये भी पढ़ें: दुबई में धमाकों से सहमीं Lara Dutta, रोते हुए बताया डरावना अनुभव, बेटी भी थीं साथ






























