आशा वर्करों की भर्ती: मुंबई के लोगों के लिए एक अच्छी खबर! मानसून के दौरान तेजी से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए, मुंबई महानगरपालिका (मनपा) अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में नई आशा वर्करों की नियुक्ति करने वाली है। इससे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना और आसान हो जाएगा।
आशा वर्कर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं। ये वर्कर घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण, परिवार नियोजन, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल के बारे में जानकारी देती हैं। ये बीमारियों से बचाव के तरीके भी लोगों को बताती हैं। मुंबई में पहले से ही कुछ आशा वर्कर काम कर रही थीं, लेकिन उनकी संख्या बढ़ाने से और भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुमंबाइयों तक पहुंच सकेंगी।
मनपा ने बताया है कि मानसून की बीमारियों से निपटने के लिए 5,575 नई आशा वर्करों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की जाएगी। फरवरी 2024 में ही मनपा ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी। वर्तमान में केंद्र सरकार के अंतर्गत मुंबई में 750 और मनपा के अंतर्गत 2,000 आशा वर्कर पहले से कार्य कर रही हैं। लेकिन अब नियुक्तियों के बाद इनकी संख्या बढ़ कर 7,575 हो जाएगी।
आशा वर्करों की संख्या बढ़ने से मुंबई के नागरिकों को कई लाभ मिलेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच दूर-दराज तक हो पाएगी, और लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दूर अस्पताल तक नहीं भागना पड़ेगा। खासकर, गरीब तबके के लोगों के लिए आशा वर्कर किसी वरदान से कम नहीं होती हैं! इनके ज़रिए मिलने वाली जानकारी और सलाह से कई ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं।
आइए, एक नजर डालते हैं आशा वर्करों के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों पर:
- लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में बताना
- टीकाकरण अभियान में मदद करना
- गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना
- कुपोषण और बीमारियों से बचाव की जानकारी देना
- स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीज़ों की मदद करना






























