छत्तीसगढ़: अंबिकापुर शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शादी करने से इनकार करना एक युवती को भारी पड़ गया। 15 जनवरी की देर शाम कार सवार चार युवकों ने युवती का जबरन अपहरण कर लिया। ये पूरी घटना उस वक्त हुई जब युवती फर्नीचर शोरूम से काम खत्म कर पैदल अपने किराए के मकान लौट रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती को सुरक्षित बरामद कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कार से आया था आरोपी
अपहृत युवती कोरिया जिले की रहने वाली है और पिछले करीब 15 दिनों से अंबिकापुर के गांधीनगर इलाके में किराए के मकान में रह रही थी। वो पास ही स्थित एक फर्नीचर शोरूम में काम करती थी। 15 जनवरी की शाम जब वो काम खत्म कर फुन्दुरडिहारी तुर्रापानी स्थित अपने कमरे की ओर पैदल जा रही थी, तभी घर से कुछ दूरी पहले एक सुनसान स्थान पर एक कार आकर रुकी। कार से उतरे एक युवक ने युवती को जबरन कार में बैठाने की कोशिश की। युवती ने विरोध करते हुए शोर मचाया, लेकिन इससे पहले कि आसपास के लोग मौके पर पहुंच पाते, आरोपी उसे कार में डालकर फरार हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कार का पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपी युवती को सरगवां–सकालो रोड की ओर ले गए। अपहरण में स्वीफ्ट डिजायर कार, जिसका पंजीयन क्रमांक एमपी 13 सीसी 4342 है, का इस्तेमाल किया गया था। युवती के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले के सभी संभावित मार्गों पर नाकेबंदी कराई गई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी युवती को जबरन कार में बैठाते हुए साफ दिखाई दिए। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से वाहन की लोकेशन ट्रेस की गई, जिससे ये पता चला कि कार कोरिया से मनेन्द्रगढ़ की ओर बढ़ रही है।
सूचना मिलते ही मनेन्द्रगढ़ थाना पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी कर दी। कुछ ही देर बाद संदिग्ध कार को रोक लिया गया। कार रुकते ही अंदर बैठी युवती पुलिस को देखकर रोने लगी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बाहर निकाला और कार में मौजूद चारों युवकों को हिरासत में ले लिया। बाद में गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को अपने साथ थाने ले गई।
पहले से शादीशुदा था मुख्य आरोपी
महिला अधिकारी द्वारा लिए गए बयान में युवती ने पूरे मामले का खुलासा किया। उसने बताया कि उसकी जान-पहचान मुख्य आरोपी रामप्रसाद तंवर से थी और दोनों के बीच बातचीत होती थी। आरोपी उससे शादी करना चाहता था, लेकिन बाद में युवती को पता चला कि वो पहले से शादीशुदा है। इस सच्चाई के सामने आने के बाद युवती ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर युवती के अपहरण की साजिश रची।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्वीफ्ट डिजायर कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में रामप्रसाद तंवर (32 वर्ष), लाल चंद्र (26 वर्ष), कमलेश तंवर (19 वर्ष) और भंवर लाल (22 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 140(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
इस पूरी कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, प्रधान आरक्षक रविन्द्र नाथ तिवारी (थाना मनेन्द्रगढ़), महिला आरक्षक प्रिया रानी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई और युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।
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