मुंबई वालों, मानसून आने ही वाला है! इस बार जल्दी ही यानी 7-8 जून तक मुंबई में बारिश की झड़ी लग सकती है। अब बारिश से भले ही आपको गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। इस बार चुनाव की वजह से बारिश से पहले वाले जरूरी काम पूरे नहीं हो पाए हैं। इसलिए, मुंबई को पानी-पानी होने से बचाने के लिए खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मैदान में उतर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार
मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया है कि अगर इस बार बारिश में मुंबई डूबी, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। उन्होंने खुद सड़कों और नालों का मुआयना किया है। साथ ही, बीएमसी वालों को भी जलभराव रोकने की कड़ी चेतावनी दी है।
BMC और रेलवे ने भी मिलाए हाथ
बीएमसी और रेलवे वाले भी बारिश से पहले तैयारियों में जुट गए हैं। दोनों ने मिलकर कई स्टेशनों का दौरा किया है। बीएमसी ने तो सैंडहर्स्ट रोड रेलवे लाइन के आसपास की 15 से ज्यादा इमारतों को नोटिस भी थमा दिया है।
खस्ताहाल इमारतों को खाली कराने का आदेश
बीएमसी सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित नहीं रही। उसने ये भी आदेश दिया है कि इन इमारतों को जल्दी से जल्दी खाली कराया जाए, ताकि बारिश में कोई हादसा न हो। ये आदेश मुंबई के अलावा आसपास के शहरों में भी दिया गया है। ठाणे में तो 4000 से ज्यादा ऐसी इमारतों को खाली कराने के लिए कहा गया है।
बीएमसी वालों ने भी सुनाई अपनी व्यथा
मुख्यमंत्री की फटकार पर बीएमसी वाले भी अपनी सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि वो चुनाव में व्यस्त थे, इसलिए बारिश की तैयारी में देरी हुई। अब वो दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
देखते हैं इस बार बारिश में मुंबई का क्या हाल होता है। बीएमसी और सरकार अपने वादे पर खरी उतर पाती है नहीं?
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