महाराष्ट्र

BMC चुनाव परिणामों में देरी तय, बदली हुई मतगणना प्रक्रिया बनी वजह

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मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनाव परिणाम इस बार तय समय से देर से आने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह मतगणना (काउंटिंग) प्रक्रिया में किया गया बदलाव बताया जा रहा है। प्रशासन ने इस बार चरणबद्ध तरीके से मतगणना कराने का फैसला लिया है, जिससे नतीजों की घोषणा में समय लग सकता है।

पहले चरण में सिर्फ 46 वार्डों की होगी मतगणना

बीएमसी के कुल 227 वार्डों के चुनाव हुए हैं, लेकिन सभी वार्डों की मतगणना एक साथ नहीं की जाएगी। जानकारी के अनुसार, पहले चरण में केवल 46 वार्डों के वोटों की गिनती की जाएगी। इसके बाद शेष वार्डों की मतगणना अगले चरणों में पूरी होगी।

क्यों बदली गई मतगणना प्रक्रिया?

चुनाव आयोग और प्रशासन का कहना है कि मतगणना प्रक्रिया में बदलाव का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर चुनाव परिणामों की समयसीमा पर पड़ेगा।

राजनीतिक दलों की बढ़ी बेचैनी

बीएमसी चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में नतीजों में देरी से सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। खासतौर पर सत्ता और विपक्ष दोनों ही खेमे परिणामों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

प्रशासन ने क्या कहा?

प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि नतीजों में देरी भले हो, लेकिन मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराई जाएगी। किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचते हुए हर चरण को सावधानीपूर्वक पूरा किया जाएगा।

कब तक आ सकते हैं अंतिम नतीजे?

हालांकि अंतिम नतीजों की कोई तय समयसीमा घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही पूर्ण परिणाम सामने आएंगे, जिसमें पहले की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है।

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