ऑनटीवी स्पेशल

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा प्रहार, किस उद्योगपति से मुलाकात की दिलाई याद?

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा प्रहार, किस उद्योगपति से मुलाकात की दिलाई याद?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा प्रहार, किस उद्योगपति से मुलाकात की दिलाई याद?

धारावी पुनर्विकास परियोजना और नवी मुंबई हवाई अड्डे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे घेराव का उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने करारा जवाब दिया है। मुंबई में आयोजित महायुति (भाजपा-शिवसेना-रिपाइं) की एक विशाल प्रचार सभा में बोलते हुए शिंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब जेब भरने के लिए हरी ‘ (नोटों) की जरूरत होती है, तब इन्हें उद्योगपति याद आते हैं, और राजनीति के लिए उन्हीं पर निशाना साधते हैं।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और महायुति के अन्य वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित थे।

उद्योगपतियों के साथ कैसा रिश्ता?
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उद्योगपतियों के नाम पर फैलाए जा रहे ‘फेक नैरेटिव’ पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अडानी को धारावी और हवाई अड्डे का काम मुख्यमंत्री रहते हुए किसने दिया? उद्योगपतियों पर टीका करने वाले बताएं कि मुंबई के मैदान और भूखंड उन्हें किसने दिए? दो साल पहले कलानगर में कौन मिलने गया था?”

शिंदे ने आगे कहा, “आप उद्योगपतियों को घर पर खाने पर बुलाते हैं, आपके बच्चे उनकी शादियों में नाचते हैं और फिर बाहर आकर उन्हीं की आलोचना करते हैं? यह यू-टर्न किसलिए? असल में इन्हें चुनाव के लिए ‘कंटेनर’ चाहिए, इसलिए ये उद्योगपतियों की बात कर रहे हैं।”
“बाळासाहेब से बड़ा आपका अहंकार”

उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन की चर्चाओं पर प्रहार करते हुए शिंदे ने कहा कि जो लोग आज कह रहे हैं कि ‘महाराष्ट्र हमारे विवाद से बड़ा है’, वे २० साल पहले अलग क्यों हुए थे? क्या तब महाराष्ट्र छोटा था? उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने बाळासाहेब ठाकरे की इच्छा पूरी नहीं की क्योंकि इनके लिए अपना स्वार्थ और अहंकार बाळासाहेब के सपनों से बड़ा था।
शिंदे ने कहा, “मराठी मानुष के प्रति आपका प्रेम ‘पूतना मौसी’ जैसा है। स्वार्थ के लिए अलग हुए और अब स्वार्थ के लिए ही साथ आ रहे हैं, यह मुंबई की जनता बखूबी जानती है।”

नेटफ्लिक्स बनाम विकास का एजेंडा
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा, “इनके पास कोई मुद्दा नहीं है, केवल टीका और टोमणे (ताने) हैं। ये लोग दिनभर नेटफ्लिक्स देखते हैं और जब समय मिलता है तब पॉलिटिक्स करते हैं। इसके विपरीत, हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के साथ विकसित भारत और विकसित मुंबई का सपना पूरा कर रहे हैं।”

मराठी कार्ड पर पलटवार
मराठी अस्मिता के मुद्दे पर शिंदे ने स्पष्ट किया, “मराठी मानुष का अस्तित्व न कभी खतरे में था, न है और न रहेगा। चुनाव आते ही इन्हें मराठी मानुष याद आता है, जबकि इनके शासन में मराठी आदमी मुंबई से बाहर फेंक दिया गया।” उन्होंने वादा किया कि मुंबई के बाहर गए मराठी लोगों को वापस लाना ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा, “आपने ‘करके’ नहीं, बल्कि ‘खाकर’ दिखाया”

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने महाविकास अघाड़ी के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

  • कोविड घोटाला: “इन्होंने खिचड़ी से लेकर बॉडी बैग और कोविड सेंटर तक के पैसे खाए।”
  • सड़क और नाला सफाई: “सड़क का डामर और मिठी नदी की गाद तक को नहीं छोड़ा।”
  •  ठेकेदारी: “मराठी ठेकेदारों को काली सूची में डाला और अपनों को टेंडर दिए।”
  • तंज: शिंदे ने कहा कि इन्हें ‘करके दिखाया’ (करून दाखवलं) के नहीं, बल्कि ‘खाकर दिखाया’ (खाऊन दाखवलं) के होर्डिंग्स लगाने चाहिए।

You may also like