Digi Pravesh App: मुंबई की व्यस्त जिंदगी में हर कोई समय बचाने की कोशिश करता है, और अब महाराष्ट्र सरकार ने भी इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की चिंताओं को देखते हुए “डिजी प्रवेश ऐप” (Digi Pravesh App) और चेहरा पहचान प्रणाली शुरू की गई है। यह नई तकनीक न सिर्फ लोगों का समय बचाएगी, बल्कि मंत्रालय को और सुरक्षित भी बनाएगी। आज की नई पीढ़ी, जो स्मार्टफोन और डिजिटल दुनिया से जुड़ी है, उनके लिए यह खबर खासतौर पर रोमांचक है।
मंत्रालय में हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं। खासकर कैबिनेट बैठक के दिनों में पूरे राज्य से अधिकारी और कर्मचारी यहाँ पहुँचते हैं, जिससे भीड़ बहुत बढ़ जाती है। पहले लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था, लेकिन अब “डिजी प्रवेश ऐप” (Digi Pravesh App) ने इस परेशानी को कम कर दिया है। पिछले चार दिनों में 2,422 लोग इस ऐप के लिए रजिस्टर कर चुके हैं, और 1,321 लोगों को जरूरी कागजात पूरे करने के बाद ऐप से प्रवेश मिल गया है। इसके अलावा, 14,978 लोग चेहरा पहचान प्रणाली में रजिस्टर हो चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग इस नई व्यवस्था को तेजी से अपना रहे हैं।
इस नई प्रणाली की शुरुआत दो चरणों में हुई। पहले चरण में चेहरा पहचान आधारित प्रवेश शुरू किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि केवल सही लोग ही अंदर जा सकें। फिर दूसरे चरण में “मंत्रालय में डिजिटल प्रवेश” (Digital entry in Mantralaya) को और बेहतर करने के लिए विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लाया गया। अब हर अधिकारी, कर्मचारी और आम आगंतुक को मंत्रालय में आने के लिए “डिजी प्रवेश ऐप” (Digi Pravesh App) का इस्तेमाल करना होगा। यह ऐप इतना आसान है कि इसे कोई भी डाउनलोड कर सकता है और कुछ ही मिनटों में रजिस्टर हो सकता है। आधार कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र से चेहरा पहचान के बाद आपको एक स्लॉट बुक करना होता है, और फिर बिना लाइन में लगे मंत्रालय में प्रवेश मिल जाता है।
मंत्रालय में भीड़ के साथ-साथ सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती थी। VIP लोगों का आना-जाना और अनजान लोगों की मौजूदगी से कई बार खतरा बढ़ जाता था। इसीलिए सरकार ने यह डिजिटल सिस्टम शुरू किया। अब हर आगंतुक को एक RFID कार्ड मिलेगा, जिसे पहनना जरूरी है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि आप केवल उसी विभाग में जाएँ, जहाँ आपका काम है। अगर कोई गलत जगह जाने की कोशिश करता है, तो सख्त कार्रवाई होगी। इससे न सिर्फ भीड़ पर नियंत्रण होगा, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी।
इस सिस्टम में खास लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। बुजुर्ग और दिव्यांग आगंतुकों को दोपहर 12 बजे से प्राथमिकता दी जाएगी, और उनके लिए अलग लाइन होगी। बाकी आम लोगों को दोपहर 2 बजे के बाद प्रवेश मिलेगा। अभी दो ऑनलाइन विंडो इस काम के लिए चल रही हैं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार जल्द ही दो और विंडो शुरू करने वाली है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे प्रक्रिया और तेज होगी।
“मंत्रालय में डिजिटल प्रवेश” (Digital entry in Mantralaya) की यह व्यवस्था आज के युवाओं के लिए एकदम सही है। जो लोग तकनीक से प्यार करते हैं और हर काम जल्दी करना चाहते हैं, उनके लिए यह ऐप किसी तोहफे से कम नहीं। पहले जहाँ घंटों इंतजार करना पड़ता था, वहाँ अब कुछ मिनटों में काम हो जाता है। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया की सोच को भी मजबूत करता है, जहाँ हर सेवा को आसान और पारदर्शी बनाना लक्ष्य है।
मंत्रालय में आने वाले लोग अब इस नई तकनीक का अनुभव ले रहे हैं। कुछ लोग इसे पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ इसे रोजाना अपनाने लगे हैं। यह बदलाव न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि मंत्रालय के कामकाज को भी सुचारू बनाता है। आने वाले दिनों में और लोग इससे जुड़ेंगे, और यह सिस्टम और भी बेहतर होगा।
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