भारतीय दोपहिया बाजार में एक बड़ा और अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। कुछ साल पहले तक महंगे और सीमित ग्राहकों तक सिमटे रहने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर अब आम खरीदार की पहुंच में आ गए हैं। आज स्थिति ये है कि कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमत पेट्रोल स्कूटर के बराबर या उससे भी कम हो गई है। इसी वजह से बाजार में एक नया और मजबूत ट्रेंड बनता साफ नजर आ रहा है।
1 लाख रुपये से कम में मिल रहे इलेक्ट्रिक स्कूटर
अब इलेक्ट्रिक स्कूटर केवल प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित नहीं रहे। 85 हजार से 95 हजार रुपये की कीमत रेंज में बजाज, टीवीएस और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियां अपने किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश कर चुकी हैं। इस कीमत पर पहले ज्यादातर पेट्रोल स्कूटर ही उपलब्ध होते थे, लेकिन अब इलेक्ट्रिक विकल्प भी उतने ही सुलभ हो गए हैं।
पेट्रोल स्कूटर से सीधा मुकाबला
इस कीमत के स्तर पर इलेक्ट्रिक स्कूटरों का मुकाबला अब सिर्फ दूसरे ई-स्कूटरों से नहीं, बल्कि सीधे पेट्रोल स्कूटर से हो रहा है। जब ग्राहक के सामने लगभग 90 हजार रुपये में पेट्रोल और इलेक्ट्रिक, दोनों विकल्प होते हैं, तो फैसला सिर्फ कीमत के आधार पर नहीं होता। इस स्थिति में ई-स्कूटर का पलड़ा भारी पड़ता है, क्योंकि इसमें ईंधन का खर्च लगभग खत्म हो जाता है और मेंटेनेंस भी काफी सस्ता होता है।
बजाज चेतक C25 01 ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा
हाल ही में बजाज ऑटो ने चेतक सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल Chetak C25 01 लॉन्च किया है, जिसकी कीमत करीब 91 हजार रुपये रखी गई है। कीमत को काबू में रखने के लिए इसमें कुछ प्रीमियम फीचर्स को सरल बनाया गया है, लेकिन जरूरी तकनीक और सुरक्षा से समझौता नहीं किया गया।
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 2.5 kWh की बैटरी, 113 किलोमीटर की क्लेम्ड रेंज, एलईडी लाइट्स, 25 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज और बेसिक स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं।
टीवीएस और हीरो की मजबूत मौजूदगी
टीवीएस अपने iQube स्कूटर के जरिए पहले से ही किफायती इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मजबूत पकड़ बना चुका है। वहीं, हीरो मोटोकॉर्प ने VIDA सीरीज की कीमतों में कटौती कर मुकाबले को और तेज कर दिया है। साफ है कि बड़ी कंपनियां अब इलेक्ट्रिक स्कूटर को आम ग्राहकों के लिए तैयार कर रही हैं।
कीमत घटी, लेकिन चुनौतियां अभी बाकी
हालांकि इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत पेट्रोल स्कूटर के करीब आ चुकी है, फिर भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी हर जगह पूरी तरह मजबूत नहीं है। इसके अलावा बैटरी की लंबी उम्र और रीसेल वैल्यू को लेकर भी कई ग्राहक अभी आश्वस्त नहीं हैं।
इसके बावजूद, कीमत में आई बड़ी गिरावट इन चिंताओं को काफी हद तक संतुलित कर रही है और ग्राहक इलेक्ट्रिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने लगे हैं।
इंडस्ट्री के लिए टर्निंग पॉइंट
कुल मिलाकर, पेट्रोल स्कूटर की कीमत में इलेक्ट्रिक स्कूटर का उपलब्ध होना दोपहिया उद्योग के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। इससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में पेट्रोल स्कूटर की मांग पर भी असर पड़ सकता है।
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