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Flight AI130 Dizziness and Nausea: एयर इंडिया की लंदन-मुंबई उड़ान में डर, चक्कर और मितली की शिकायत, जांच शुरू

Flight AI130 Dizziness and Nausea: एयर इंडिया की लंदन-मुंबई उड़ान में डर, चक्कर और मितली की शिकायत, जांच शुरू

Flight AI130 Dizziness and Nausea: मुंबई, जो भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाता है, हाल ही में एक ऐसी घटना का गवाह बना, जिसने हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए। 22 जून 2025 को लंदन से मुंबई आने वाली एयर इंडिया की उड़ान AI130 में पांच यात्री और दो क्रू मेंबर को उड़ान के दौरान चक्कर आना और मितली (dizziness and nausea) की शिकायत हुई। यह घटना उस समय हुई, जब विमान आकाश में अपनी यात्रा पूरी कर रहा था। सौभाग्य से, विमान सुरक्षित रूप से मुंबई में उतर गया, जहां चिकित्सा दल यात्रियों और क्रू की मदद के लिए तैयार थे। इस घटना ने न केवल यात्रियों को हैरान किया, बल्कि हवाई सुरक्षा और विमान में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों (in-flight health risks) पर भी चर्चा छेड़ दी।

उड़ान AI130 रविवार को लंदन हीथ्रो हवाई अड्डे से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के विभिन्न चरणों में पांच यात्रियों और दो केबिन क्रू को अचानक चक्कर आना और मितली (dizziness and nausea) की शिकायत शुरू हुई। एक यात्री, जो नाम न बताने की शर्त पर बात कर रहा था, ने बताया कि उसे अचानक सिर घूमने लगा और वह असहज महसूस करने लगा। उसने तुरंत केबिन क्रू को सूचित किया, जिन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की। क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत रहने और पानी पीने की सलाह दी, लेकिन दो क्रू मेंबर्स को भी ऐसी ही तकलीफ होने लगी। यह स्थिति यात्रियों के लिए डरावनी थी, क्योंकि हवा में ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं असामान्य हैं।

विमान के मुंबई में सुरक्षित उतरने के बाद, चिकित्सा दल तुरंत हरकत में आया। हवाई अड्डे पर पहले से ही मेडिकल टीमें तैयार थीं, जो प्रभावित यात्रियों और क्रू की जांच के लिए तैनात थीं। उतरने के बाद भी दो यात्री और दो केबिन क्रू को असहजता महसूस हो रही थी। उन्हें हवाई अड्डे के मेडिकल रूम में ले जाया गया, जहां उनकी पूरी जांच की गई। सौभाग्य से, सभी चारों को आवश्यक चिकित्सा जांच के बाद छुट्टी दे दी गई। एक मेडिकल स्टाफ ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर थी और किसी को गंभीर समस्या नहीं थी। लेकिन इस घटना ने यह सवाल उठाया कि आखिर उड़ान के दौरान ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई।

एयर इंडिया ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और इसकी जांच शुरू कर दी है। एक प्रवक्ता ने बताया कि एयर इंडिया ने इस मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी है। प्रवक्ता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता यात्रियों और क्रू की सुरक्षा (in-flight health risks) है। यह पहली बार नहीं है, जब किसी उड़ान में ऐसी स्वास्थ्य समस्या सामने आई हो। 2023 में एक अन्य एयरलाइन की उड़ान में ऑक्सीजन की कमी के कारण यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि केबिन दबाव, हवा की गुणवत्ता, या भोजन से संबंधित समस्याएं ऐसी स्थिति पैदा कर सकती हैं।

इस घटना ने यात्रियों के बीच डर का माहौल पैदा किया। एक यात्री, प्रिया शर्मा, ने बताया कि वह नियमित रूप से लंदन-मुंबई रूट पर यात्रा करती हैं, लेकिन पहली बार उन्हें ऐसा अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि उड़ान के दौरान क्रू ने स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह अनुभव डरावना था। दूसरी ओर, कुछ यात्रियों ने एयर इंडिया की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। एक यात्री ने बताया कि मेडिकल टीम ने हवाई अड्डे पर तुरंत उनकी मदद की, जिससे उन्हें राहत मिली। लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि इस तरह की घटना क्यों हुई।

एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि वे इस घटना के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। संभावित कारणों में केबिन दबाव, हवा की गुणवत्ता, या भोजन से संबंधित एलर्जी शामिल हो सकती हैं। एक विमानन विशेषज्ञ ने बताया कि कभी-कभी लंबी उड़ानों में केबिन में हवा का प्रवाह ठीक न होने पर यात्रियों को चक्कर या मितली हो सकती है। इसके अलावा, अगर विमान में परोसे गए भोजन में कोई समस्या हो, तो भी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। एयर इंडिया ने यह भी पुष्टि की कि उड़ान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, और विमान सुरक्षित रूप से उतरा।

यह घटना उसी दिन हुई, जब एयर इंडिया की एक अन्य उड़ान, त्रिवेंद्रम से दिल्ली जाने वाली, पक्षी से टकराने (bird hit) के कारण रद्द कर दी गई थी। उसी दिन एक अन्य एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान दिल्ली से जम्मू जाने वाली थी, जो तकनीकी खराबी के कारण वापस लौट आई। इन घटनाओं ने एयर इंडिया की सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, AI130 की घटना तकनीकी खराबी से संबंधित नहीं थी, फिर भी यह यात्रियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

मुंबई जैसे शहर में, जहां हर दिन हजारों लोग हवाई यात्रा करते हैं, ऐसी घटनाएं लोगों के विश्वास को प्रभावित करती हैं। एक स्थानीय निवासी, राहुल मेहता, ने बताया कि वह अक्सर अपने परिवार के साथ लंदन की यात्रा करते हैं। लेकिन इस घटना के बाद वे अब हर उड़ान से पहले दो बार सोचेंगे। दूसरी ओर, एयर इंडिया ने अपने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि वे DGCA के साथ मिलकर इस मामले की पूरी जांच करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाएंगे।

यह घटना उन लाखों यात्रियों की कहानी को सामने लाती है, जो हर दिन हवाई यात्रा पर निर्भर हैं। मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, और यहां हर दिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं। लेकिन इस तरह की घटनाएं यात्रियों के मन में डर पैदा करती हैं। एयर इंडिया की त्वरित प्रतिक्रिया और मेडिकल सहायता ने स्थिति को नियंत्रण में रखा, लेकिन यह जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं के कारणों का पता लगाया जाए।

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