केरल की एक अदालत ने एक चौंकाने वाले मामले में सख्त कदम उठाते हुए, 2022 में अपने बॉयफ्रेंड की हत्या करने वाली 24 वर्षीय ग्रीष्मा को मौत की सजा सुनाई है। ये फैसला नेय्याट्टिनकरा के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट द्वारा दिया गया। इसके साथ ही, इस मामले में शामिल ग्रीष्मा के चाचा निर्मलाकुमारन नायर को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई, जबकि उसकी मां को बरी कर दिया गया।
ग्रीष्मा ने सजा में नरमी की अपील की थी
कोर्ट में ग्रीष्मा ने अपनी सजा में नरमी की गुहार लगाई। उसने अपने शैक्षणिक उपलब्धियों, पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न होने और इस तथ्य का हवाला दिया कि वो अपने माता-पिता की इकलौती बेटी है। हालांकि, अदालत ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए ये अपील खारिज कर दी।
क्या है पूरा मामला?
ये घटना 14 अक्टूबर 2022 की है, जब ग्रीष्मा ने अपने बॉयफ्रेंड शेरोन राज को जहर देकर मारने की योजना बनाई थी। ग्रीष्मा के अनुसार, शेरोन ने उनके रिश्ते को खत्म करने से इनकार कर दिया था, जबकि ग्रीष्मा की शादी किसी और से तय हो चुकी थी।
इस तनावपूर्ण स्थिति ने ग्रीष्मा को इस घातक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। उसने शेरोन को कन्याकुमारी के रामवर्मनचिराई में अपने घर बुलाया और उसे पैराक्वाट नामक जड़ी-बूटी से बने आयुर्वेदिक टॉनिक में जहर मिलाकर दे दिया।
कोर्ट का फैसला
अदालत ने इस हत्या को पूर्व नियोजित और क्रूर करार दिया। अदालत ने ये भी माना कि ग्रीष्मा के कृत्य ने समाज में गहरा असर डाला है और ये घटना कानून और नैतिकता दोनों का उल्लंघन है।
इस मामले ने एक बार फिर ये साबित किया कि कानून के सामने कोई भी दोषी बच नहीं सकता। अदालत का ये फैसला समाज को ये संदेश देता है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। निश्चित रूप से न्यायपालिका का ये कदम कानून व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करेगा।
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