Maharashtra सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेकर एक अहम कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने धर्म परिवर्तन से संबंधित एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को धर्म बदलने से पहले निर्धारित प्राधिकरण को कम से कम 60 दिन पहले सूचना देनी होगी और अनुमति लेनी होगी।
ये प्रस्तावित कानून राज्य में जबरन या अवैध तरीके से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सरकार के मुताबिक इस बिल को जल्द ही विधानसभा में पेश किया जा सकता है, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
धर्म परिवर्तन से पहले लेनी होगी अनुमति
ड्राफ्ट बिल के प्रावधानों के अनुसार, जो भी व्यक्ति किसी दूसरे धर्म को अपनाना चाहता है, उसे पहले संबंधित अधिकारी को लिखित सूचना देनी होगी। ये सूचना धर्म परिवर्तन से कम से कम 60 दिन पहले देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही संबंधित प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त करना भी जरूरी होगा।
25 दिन के भीतर कराना होगा पंजीकरण
प्रस्तावित कानून में ये भी कहा गया है कि धर्म परिवर्तन होने के बाद उसे 25 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकरण के पास पंजीकृत कराना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराया गया, तो उस धर्म परिवर्तन को अमान्य माना जा सकता है।
शिकायत मिलने पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
बिल में शिकायत दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है। यदि किसी व्यक्ति के रक्त संबंधी रिश्तेदार को ये संदेह होता है कि धर्म परिवर्तन अवैध तरीके से कराया गया है, तो वो इसकी शिकायत कर सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच करेगी।
जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन पर सख्ती
सरकार ने प्रस्तावित कानून में ये स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार किसी को भी बल, धोखाधड़ी या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं देता। साथ ही नागरिकों को ऐसे अवैध धर्म परिवर्तन से सुरक्षा देने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस कानून के जरिए राज्य में धर्म परिवर्तन से जुड़े विवादों और जबरन परिवर्तन के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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