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India-Canada Controversy: आनंद महिंद्रा के बाद क्या ये कंपनियां भी समेटेंगी कनाडा से अपना करोबार ?

India Canada Controversy
Anand Mahindra closed its business from Canada (Photo Credits: TV9)

भारत और कनाडा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनावों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. मिली जानकारी के अनुसार भारत की महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी ने कनाडा को बड़ा झटका दिया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कनाडा की कंपनी रेसन एयरोस्पेस से अपने संबंध तोड़ लिए हैं और अपनी 11.18% हिस्सेदारी खत्म कर ली है. इसकी जानकारी उन्होंने सेबी को दी है. कंपनी के इस फैसले का असर महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों पर देखने को मिला है. आज महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 3 फीसदी तक गिर गए. कंपनी के शेयर गिरकर 1584 रुपये से शुरू होकर 1575.75 रुपये पर बंद हुए. खालिस्तान विवाद: कनाडाई लोगों के लिए भारतीय वीज़ा निलंबित

महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के इस बड़े फैसले से उन तमाम भारतीय कंपनियों और निवेशकों पर सबकी निगाहें टिकीं हैं जिन्होंने कनाडा में अनुसंधान व विकास कार्यों पर 70 करोड़ कनाडाई डॉलर से ज्‍यादा का निवेश किया है. सीआईआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल 85 फीसदी कंपनियों ने भविष्य के इनोवेशंस के लिए फंडिंग बढ़ाने की उम्मीद जताई थी. तब रिपोर्ट में कहा गया था कि भारतीय कंपनियां अगले पांच साल के दौरान कनाडा में ज्‍यादा निवेश करने की योजना बना रही हैं. साथ ही 96 फीसदी ज्‍यादा कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना बना रही हैं. तब कनाडा ने सीआईआई की इस रिपोर्ट का स्‍वागत करते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना प्रशांत क्षेत्र के दोनों किनारों के व्यवसायों के लिए फायदेमंद है. कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादियों की मौत का मामला भारत के सामने उठाया है: ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग

अब सवाल यह उठता है कि यदि महिंद्रा एंड महिंद्रा की तरह भारतीय कंपनियों और निवेशकों ने भी कनाडा से दूरी बना ली तो आर्थिक रूप से कनाडा को कितना नुकसान होगा. यही नहीं बिगड़ते हालात के बीच पंजाबी सिंगर शंकर साहनी ने कनाडा टूर कैंसल कर दिया है.

गौरतलब है कि भारत और कनाडा ओटावा के उस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद में उलझे हुए हैं जिसमें खालिस्तान समर्थक सिख आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में नई दिल्ली के एजेंटों को शामिल करने के विश्वसनीय आरोप हैं. भारत सरकार ने इन आरोपों को बेतुका बताकर खारिज कर दिया. हांलांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वीजा का निलंबन इस विवाद से जुड़ा है या नहीं.

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