जेएसडब्ल्यू-एसएआईसी EV प्लान: गाड़ियों की मांग भारत में बढ़ती ही जा रही है, और इसी को देखते हुए जेएसडब्ल्यू समूह ने एक समझौता किया है! उन्होंने चीन की नामी ऑटोमोबाइल कंपनी एसएआईसी मोटर के साथ मिलकर एक नया जॉइंट वेंचर (JV) शुरू किया है। JV का नाम जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया होगा, और इसमें जेएसडब्ल्यू समूह का 35% का हिस्सा है।
यह नई कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसी नई टेक्नोलॉजी के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल कारों पर भी बड़ा दांव खेलने वाली है। इसके लिए पूरे 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा! ये गाड़ियां सिर्फ अपने यहां ही नहीं, बल्कि विदेशी बाज़ारों में भी बेची जाएंगी। फैक्ट्री की ताकत भी बढ़ाई जाएगी, अभी जो साल में 1 लाख कारें बनती हैं, उसे बढ़ाकर 3 लाख करने का टारगेट है!
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया को लगता है कि भारत में अगले कुछ सालों में गाड़ियों की बिक्री में भारी उछाल आएगा। ये चाहते हैं कि 2030 तक EV और प्लग-इन हाइब्रिड जैसी नई तकनीक वाली गाड़ियों में इनकी 33% हिस्सेदारी हो! इसीलिए, ये कंपनी थोड़ी महंगी और प्रीमियम श्रेणी की गाड़ियां भी बनाने पर ध्यान देगी, ताकि हर किसी के लिए कुछ न कुछ हो।
इस जॉइंट वेंचर के बाद हर तीन से छह महीने में एक नई कार लॉन्च देखने को मिल सकती है।
प्लग-इन हाइब्रिड वाली गाड़ियां भी जल्द ही भारतीय बाजार में आएंगी, मतलब गाड़ी बैटरी से भी चलेगी और पेट्रोल-डीजल से भी। उन लोगों के लिए अच्छा है जो फुल इलेक्ट्रिक पर अभी शिफ्ट नहीं होना चाहते।
कंपनी गुजरात के हलोल में अपने प्लांट को और बड़ा करेगी जहां गाड़ियों का उत्पादन होगा।
नए तरह के वाहन बनाने और उनकी टेक्नोलॉजी बेहतर करने के लिए, कंपनी अपना एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी खोलेगी। यहां गाड़ियों के नए-नए फीचर्स पर काम होगा।































