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महाराष्ट्र: कटी पतंग के पीछे दौड़ा मासूम, ट्रेन की छत पर चढ़ते ही हुआ बड़ा हादसा, 11,000 वोल्ट की चपेट में आया किशोर

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महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कामठी रेलवे स्टेशन पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां कटी पतंग के पीछे भागते हुए एक मासूम किशोर की जान पर बन आई। पतंग को पकड़ने के चक्कर में किशोर चलती नहीं बल्कि स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की छत पर चढ़ गया, जहां वो 11,000 वोल्ट की हाई वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन की चपेट में आ गया।

ये हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही किशोर गंभीर रूप से झुलस गया।

पतंग के पीछे भागते हुए ट्रेन की छत तक पहुंचा बच्चा

मिली जानकारी के अनुसार, किशोर का नाम लकी बताया जा रहा है। मकर संक्रांति के आसपास इलाके में पतंगबाजी का माहौल था। इसी दौरान एक पतंग कटकर रेलवे स्टेशन की ओर चली गई। लकी उसी पतंग के पीछे दौड़ता हुआ स्टेशन परिसर में पहुंच गया और बिना किसी खतरे को समझे ट्रेन के कोच पर चढ़ गया।

जैसे ही वो ट्रेन की छत पर पहुंचा, वो रेलवे की ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन के बेहद करीब आ गया, जिसमें करीब 11,000 वोल्ट का करंट दौड़ता है।

हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आते ही मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही लकी हाई वोल्टेज लाइन के संपर्क में आया, तेज आवाज के साथ चिंगारियां निकलीं और वह गंभीर रूप से झुलस गया। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। किशोर को तुरंत ट्रेन की छत से नीचे उतारा गया और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत नाजुक

डॉक्टरों के अनुसार, किशोर को गंभीर बिजली के झटके लगे हैं और उसके शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और हालत नाजुक बनी हुई है। परिजन सदमे में हैं और पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है।

रेलवे और पुलिस ने की अपील

इस हादसे के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस ने लोगों से, खासकर बच्चों और अभिभावकों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक, स्टेशन और ट्रेन के आसपास अत्यंत सावधानी बरतें। पतंग के पीछे भागने या रेलवे संपत्ति पर चढ़ने जैसी हरकतें जानलेवा साबित हो सकती हैं।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन से सीधे छूने की जरूरत नहीं होती, कई बार पास जाने मात्र से भी करंट शरीर में उतर सकता है।

बार-बार हो रहे ऐसे हादसे, फिर भी नहीं मिल रही सीख

ये कोई पहली घटना नहीं है। हर साल पतंगबाजी के मौसम में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आती हैं, जहां बच्चे या किशोर पतंग के पीछे रेलवे लाइन, छतों या बिजली के तारों तक पहुंच जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने और उन्हें ऐसे खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

कामठी रेलवे स्टेशन पर हुआ यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि लापरवाही और मासूमियत का मेल जानलेवा हो सकता है। पतंगबाजी जैसे उत्सव के दौरान थोड़ी सी सतर्कता कई जिंदगियां बचा सकती है। बच्चों को सुरक्षित माहौल देना और खतरनाक जगहों से दूर रखना समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है।

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