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Maharashtra Budget 2026-27:’दादा’ की विरासत और फडणवीस का विजन, मुख्यमंत्री खुद संभालेंगे वित्तीय कमान

Maharashtra Budget 2026-27
Maharashtra Budget 2026-27

Maharashtra Budget 2026-27: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में आगामी बजट (2026-27) को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक बड़े घटनाक्रम के तहत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बार राज्य का बजट पेश करेंगे। पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पैदा हुए शून्य को भरने और राज्य की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की बागडोर सीधे अपने हाथों में ले ली है।

मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में तैयार हो रहा ‘नया खाका’
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री फडणवीस बजट की रूपरेखा से लेकर उसके अंतिम मसौदे तक के हर पहलू पर खुद पैनी नजर रख रहे हैं। वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इन बैठकों में उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगामी बजट न केवल वित्तीय अनुशासन पर आधारित होना चाहिए, बल्कि इसमें राज्य की जनता की आकांक्षाओं की झलक भी होनी चाहिए।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • आर्थिक स्थिति की समीक्षा: राज्य के राजस्व और व्यय का गहन विश्लेषण।
  • राजस्व वृद्धि: खजाने को भरने के लिए नए और प्रभावी उपायों पर चर्चा।
  • विकास परियोजनाएं: अधूरी और नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देना।
  • जनहितैषी नीतियां: आम आदमी को सीधे लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता।

अजित पवार की विरासत बनाम फडणवीस का अनुभव
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार (दादा) को राज्य के बजट का विशेषज्ञ माना जाता था। उनके बजट पर उनकी अपनी छाप होती थी, जिसमें वित्तीय प्रबंधन और ग्रामीण विकास का संतुलन दिखता था। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि देवेंद्र फडणवीस, जिनका खुद का पिछला प्रशासनिक अनुभव काफी समृद्ध रहा है, इस बजट को नया क्या आयाम देंगे।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बजट जनहितैषी, विकासोन्मुख और वित्तीय अनुशासन के साथ तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री अपनी आर्थिक समझ से राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में हैं।

सुनेत्रा पवार की नई भूमिका
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि, महत्वपूर्ण वित्त विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास ही रखा है, जो यह दर्शाता है कि अगले साल के चुनावी और आर्थिक समीकरणों को देखते हुए फडणवीस कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।

क्या होगा बजट का मुख्य आकर्षण?
चूंकि फडणवीस पूर्ववर्ती सरकार में भी बजट पेश कर चुके हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के बजट में निम्नलिखित क्षेत्रों पर उनकी ‘विशेष छाप’ दिख सकती है:

  • तकनीकी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश।
  • शहरी विकास के साथ-साथ कृषि संकट से निपटने के लिए नई योजनाएं।
  • राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए कड़े वित्तीय उपाय।

यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 2026 में महाराष्ट्र की नई आर्थिक और राजनीतिक दिशा का रोडमैप होगा।

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