महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026: महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 2026 के नतीजे आ चुके हैं। बीएमसी चुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है। देश की सबसे अमीर और 227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका में महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस चुनाव में भगवा लहर साफ नजर आई और महायुति गठबंधन ने लगभग सभी प्रमुख महानगरपालिकाओं में बढ़त बनाई। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और कांग्रेस को केवल कुछ महानगरपालिकाओं में ही सफलता मिली।
कांग्रेस को मिली 24 सीट
बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का खिताब अपने नाम किया। शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं जबकि विपक्षी शिवसेना (UBT) को 65 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं और MNS को 6 सीटों पर जीत मिली। NCP के शरद पवार गुट को 1 सीट और अजित पवार गुट को 3 सीटें मिलीं। इसके अलावा अन्य दलों ने 10 सीटें जीतीं।
पुणे में भी रहा BJP का दबदबा
पुणे महानगरपालिका में भी बीजेपी का दबदबा नजर आया। कुल 165 सीटों में से 119 सीटें बीजेपी ने अपने नाम कीं। अजित पवार गुट की NCP ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की, कांग्रेस ने 15 सीटें जीतीं और शरद पवार गुट की NCP को केवल 3 सीटों पर संतोष करना पड़ा। उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मात्र 1 सीट मिली और शिंदे गुट, AIMIM, निर्दलीय या अन्य दलों को कोई सीट नहीं मिली।
कल्याण-डोंबिवली BJP का बोलबोला
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिंदे शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे 54 सीटें मिलीं। बीजेपी ने 50 सीटें जीतीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 10 सीटें मिलीं, MNS ने 5 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं और NCP (SP) को 1 सीट मिली। अन्य दलों को कोई सीट नहीं मिली।
ठाणे में शिंदे शिवसेना बनी सबसे बड़ी पार्टी
ठाणे महानगरपालिका में शिंदे शिवसेना 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बीजेपी को 28 सीटें मिलीं, अजित पवार गुट की NCP ने 9 सीटें और शरद पवार गुट की NCP ने 12 सीटें जीतीं। शिवसेना (UBT) को केवल 1 सीट मिली और कांग्रेस और MNS का खाता नहीं खुल सका।
नवी मुंबई में NCP, कांग्रेस का नहीं खुला खाता
नवी मुंबई महानगरपालिका में बीजेपी ने 65 सीटों पर जीत हासिल की। शिंदे शिवसेना ने 42 सीटें जीतीं और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 2 सीटें मिलीं। MNS और अन्य दलों ने 1-1 सीट जीती। कांग्रेस, NCP के दोनों गुटों का खाता नहीं खुला।
वसई-विरार में रहा हितेंद्र ठाकुर का दबदबा
वसई-विरार महानगरपालिका में हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली BVA ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि बीजेपी की झोली में 48 सीटें आईं। शिंदे शिवसेना, उद्धव शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी का खाता नहीं खुल सका।
पनवेल में भी नहीं खुला NCP, कांग्रेस का खाता
पनवेल महानगरपालिका में भी बीजेपी ने 65 सीटें जीतीं, शिंदे शिवसेना को 42 सीटें मिलीं और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा। MNS और अन्य दलों को 1-1 सीट मिली। कांग्रेस और NCP का खाता नहीं खुल सका।
नागपुर में नहीं शरद पवार का जादू
नागपुर महानगरपालिका में कुल 151 सीटों में से BJP ने 102 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 34 सीटें मिलीं। शिंदे शिवसेना को 1 सीट, उद्धव शिवसेना को 2 सीटें, NCP (अजित) को 1 सीट और BSP को 1 सीट मिली। शरद पवार गुट की NCP का खाता नहीं खुला।
पिंपरी-चिंचवड में भी रहा MVA का कमजोर प्रदर्शन
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में बीजेपी ने 84 सीटें जीतीं। NCP के दोनों गुटों को 37 सीटें मिलीं। शिंदे शिवसेना को केवल 7-10 सीटों तक ही सफलता मिली। महाविकास आघाड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा।
नासिक में उद्धव शिवसेना को मिली 15 सीट
नासिक महानगरपालिका में बीजेपी ने 72 सीटें जीतकर बढ़त बनाई। शिंदे शिवसेना को 26 सीटें मिलीं। उद्धव शिवसेना ने 15 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 3 सीटें मिलीं, NCP (अजित) को 4 सीटें, MNS को 1 और अन्य दलों को 1 सीट मिली।
कोल्हापुर में कांग्रेस ने किया कमाल
कोल्हापुर महानगरपालिका में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 34 सीटें जीतीं। बीजेपी ने 26 सीटें और शिंदे शिवसेना ने 15 सीटों पर जीत हासिल की।
सोलापुर में चला बीजेपी का जादू
सोलापुर महानगरपालिका में बीजेपी ने 87 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत बनाया। शिंदे शिवसेना को 4 सीटें, कांग्रेस को 2 और NCP को 1 सीट मिली।
अमरावती महानगरपालिका में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला। बीजेपी ने 25 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने 15 सीटें, NCP ने 10 सीटें और अन्य दलों ने 31 सीटें जीतीं।
जालना महानगरपालिका में बीजेपी ने 41 सीटें जीतकर मजबूत पकड़ बनाई। शिंदे शिवसेना को 12 सीटें मिलीं और कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की।
मीरा-भायंदर में बीजेपी को बहुमत
मीरा-भायंदर महानगरपालिका में बीजेपी ने 78 सीटें जीतकर अकेले बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 13 सीटें और शिंदे शिवसेना को 3 सीटें मिलीं।
उल्हासनगर महानगरपालिका में महायुति गठबंधन ने लगभग सभी सीटें जीत लीं। बीजेपी ने 37 सीटें और शिंदे शिवसेना ने 36 सीटें जीतीं। कांग्रेस को केवल 1 सीट मिली।
भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 30 सीटें जीतीं। बीजेपी को 22 सीटें मिलीं। शिंदे शिवसेना और शरद पवार NCP को 12-12 सीटें मिलीं।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में बीजेपी ने 58 सीटें जीतकर जीत दर्ज की। AIMIM ने 33 सीटें हासिल कीं, शिंदे शिवसेना को 12 सीटें मिलीं और उद्धव शिवसेना को 6 सीटें।
सांगली-मिरज-कुपवाड महानगरपालिका में बीजेपी ने 39 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 18 सीटें और NCP (अजित पवार) ने 16 सीटें जीतीं। शरद पवार NCP को 3 सीटें और शिंदे शिवसेना को केवल 2 सीटें मिलीं।
मालेगांव महानगरपालिका में इस्लाम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 35 सीटें जीतीं। AIMIM को 20 सीटें मिलीं, शिंदे शिवसेना ने 18 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 3 और बीजेपी को केवल 2 सीटें मिलीं।
अहिल्यानगर में अजित पवार की NCP बनी सबसे बड़ी पार्टी
अहिल्यानगर महानगरपालिका में अजित पवार NCP ने 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बीजेपी ने 25 सीटें और शिंदे शिवसेना ने 10 सीटें जीतीं।
जलगांव महानगरपालिका में बीजेपी ने 46 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। शिंदे शिवसेना को 22 सीटें मिलीं, उद्धव शिवसेना को 5 सीटें और अजित पवार NCP को 1 सीट मिली।
इस प्रकार महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में महायुति गठबंधन की पकड़ मजबूत रही। भगवा लहर साफ नजर आई, उद्धव शिवसेना का प्रदर्शन कमजोर रहा और कांग्रेस को केवल कुछ शहरों में सफलता मिली।
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