मुंबई पुलिस ने शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। हाल ही में की गई कार्रवाई में अलग-अलग इलाकों से कुल 30 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर लंबे समय से मुंबई में रह रहे थे।
विशेष अभियान के तहत छापेमारी
ये कार्रवाई विदेशी नागरिकों के सत्यापन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। मुंबई पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने खुफिया जानकारी के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि हिरासत में लिए गए लोग कथित रूप से बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे और पहचान छुपाने के लिए फर्जी कागजात का इस्तेमाल कर रहे थे।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी और आवास
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय पहचान पत्र बनवाकर शहर में किराए पर मकान लिया और रोजगार भी हासिल किया।कुछ मामलों में एजेंटों की मदद से दस्तावेज तैयार किए गए थे। इस पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि फर्जी पहचान पत्र बनाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
इस साल सैकड़ों मामलों में कार्रवाई
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वर्ष की शुरुआत से अब तक अवैध रूप से रह रहे कई विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। हाल के महीनों में 200 से अधिक मामलों की पहचान की गई है, जिनमें कई लोगों को पहले ही डिपोर्ट किया जा चुका है।
यह अभियान अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद उनकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की गई है। इसके बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेश उच्चायोग को भी सूचित किया गया है ताकि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
मुंबई पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे रहने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ की गई ये कार्रवाई शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस अब दस्तावेज फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी कार्रवाई की संभावना है।
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