MF Husain Paintings Auction: मुंबई की कला की दुनिया में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि 12 जून को 25 दुर्लभ एमएफ हुसैन पेंटिंग्स (MF Husain Paintings) की नीलामी होने जा रही है। इन पेंटिंग्स की कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, और यह आयोजन बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस रियाज चागला के आदेश के बाद हो रहा है। यह नीलामी हैमिल्टन हाउस, जे.एन. हेरेडिया मार्ग, बैलार्ड एस्टेट में होगी। यह उन कला प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो विश्व प्रसिद्ध कलाकार एमएफ हुसैन की कृतियों को अपने संग्रह में शामिल करना चाहते हैं।
यह नीलामी राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसने इन पेंटिंग्स को स्वरूप ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के खिलाफ 236 करोड़ रुपये के कर्ज विवाद में सुरक्षित किया था। इस मामले की शुरुआत 2006 में हुई, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्वरूप ग्रुप और इसके चेयरमैन स्वरूप श्रीवास्तव की 150 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी की जांच शुरू की थी। स्वरूप श्रीवास्तव ने 2007 में कला जगत में हलचल मचा दी थी, जब उन्होंने एमएफ हुसैन को 100 पेंटिंग्स बनाने का ऑर्डर दिया, जिनमें से प्रत्येक की कीमत उस समय 1 करोड़ रुपये थी। यह उस दौर में एक बहुत बड़ी राशि थी और कला जगत में इसने खासा चर्चा बटोरी थी।
इन 25 पेंटिंग्स का हिस्सा हुसैन की विशेष श्रृंखला “हमारा ग्रह जिसे पृथ्वी कहते हैं” (Our Planet Called Earth – OPCE) है। इस श्रृंखला में उनकी रचनात्मकता और दृष्टिकोण का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो 20वीं सदी की थीम पर आधारित है। इन पेंटिंग्स को नाफेड ने 2008 में एक ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद सुरक्षित किया था, जो स्वरूप ग्रुप के कर्ज डिफॉल्ट मामले से जुड़ा था। इस मामले को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली, और फरवरी में जस्टिस चागला ने इन पेंटिंग्स की नीलामी की अनुमति दी। इसके बाद, मुंबई के शेरिफ ने प्रसिद्ध पुंडोले आर्ट गैलरी के माध्यम से 25 पेंटिंग्स की नीलामी का नोटिस जारी किया।
पुंडोले आर्ट गैलरी, जो भारत में कला नीलामी के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है, इस आयोजन को “एमएफ हुसैन: 20वीं सदी की एक कलाकार की दृष्टि” (MF Husain Paintings) के नाम से प्रचारित कर रही है। मई 2024 में, कला विशेषज्ञ दादीबा पुंडोले ने हाई कोर्ट को इन पेंटिंग्स का मूल्यांकन रिपोर्ट सौंपा, जिसमें इनकी कीमत 25 करोड़ रुपये आंकी गई। यह नीलामी न केवल कला प्रेमियों के लिए, बल्कि निवेशकों के लिए भी एक बड़ा अवसर है, क्योंकि हुसैन की पेंटिंग्स की मांग वैश्विक स्तर पर है।
एमएफ हुसैन, जिन्हें भारत का पिकासो भी कहा जाता है, अपनी अनूठी शैली और गहरे दार्शनिक चित्रों के लिए जाने जाते हैं। उनकी पेंटिंग्स में भारतीय संस्कृति, इतिहास, और आधुनिकता का मिश्रण देखने को मिलता है। “हमारा ग्रह जिसे पृथ्वी कहते हैं” (Our Planet Called Earth – OPCE) श्रृंखला उनकी सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है, जिसमें उन्होंने पर्यावरण, मानवता, और सभ्यता के विकास को अपने कैनवास पर उतारा है। इन पेंटिंग्स में बोल्ड रंगों और प्रतीकात्मक चित्रण का उपयोग किया गया है, जो हुसैन की रचनात्मकता को दर्शाता है।
इस नीलामी की खास बात यह है कि यह एक कानूनी विवाद का हिस्सा है, जो इसे और भी चर्चा में ला रहा है। नाफेड ने इन पेंटिंग्स को स्वरूप ग्रुप से कर्ज वसूली के लिए सुरक्षित किया था। 2008 में ट्रिब्यूनल ने नाफेड को 100 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें ये पेंटिंग्स शामिल थीं, सुरक्षित करने की अनुमति दी थी। अब, इन 25 पेंटिंग्स की नीलामी से नाफेड को कर्ज वसूली में मदद मिलेगी। मुंबई के शेरिफ को इस नीलामी को पूरा करने और 3 जुलाई तक हाई कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
इस नीलामी का आयोजन पुंडोले की आधिकारिक नीलामी वेबसाइट के माध्यम से होगा, जहां कला प्रेमी और निवेशक इन पेंटिंग्स पर बोली लगा सकते हैं। हुसैन की पेंटिंग्स की मांग को देखते हुए, माना जा रहा है कि यह नीलामी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। पहले भी उनकी पेंटिंग्स ने अंतरराष्ट्रीय नीलामियों में ऊंची कीमतें हासिल की हैं। उदाहरण के लिए, 2019 में लंदन में उनकी एक पेंटिंग 2.5 मिलियन डॉलर में बिकी थी। इस नीलामी में भी कुछ ऐसी ही उम्मीदें हैं, क्योंकि हुसैन की कला का मूल्य समय के साथ बढ़ता जा रहा है।
मुंबई, जो भारत की कला और संस्कृति की राजधानी मानी जाती है, इस नीलामी के साथ एक बार फिर विश्व स्तर पर चर्चा में आएगी। यह आयोजन न केवल एमएफ हुसैन की कला को सम्मान देगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि भारत में कला का बाजार कितना मजबूत हो रहा है। यह उन युवा कला प्रेमियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जो भारतीय कला की गहराई को समझना चाहते हैं।































