नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के बाजारगांव क्षेत्र में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। सोलर एक्सप्लोसिव्स कंपनी की आरडीएक्स इकाई में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस विस्फोट में एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य कर्मचारी घायल हो गए, जबकि 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
कैसे हुआ हादसा?
बुधवार की आधी रात करीब 12:30 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। उस समय फैक्ट्री के अंदर कर्मचारी काम कर रहे थे, जो विस्फोट की चपेट में आ गए। धमाके की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों तक सुनाई दी। स्थानीय लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।
राहत और बचाव कार्य
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है। अभी तक विस्फोट की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
आरडीएक्स जैसे अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक का निर्माण करने वाली इकाई में हुए इस हादसे ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री में पहले भी छोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार धमाका बेहद भयावह था। लोगों ने मांग की है कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जाए और कर्मचारियों की जान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
राजनीतिक हलचल
हादसे की खबर मिलते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्यभर में विस्फोटक फैक्टरियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी है। उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। जल्द ही तकनीकी टीम की रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है। यह हादसा न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि खतरनाक रसायनों और विस्फोटकों के उत्पादन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक किया जा रहा है।
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